1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. जीवन मंत्र
  4. जानिए, आखिर रक्षाबंधन मनाने के पीछे क्या हैं मान्यताएं

जानिए, आखिर रक्षाबंधन मनाने के पीछे क्या हैं मान्यताएं

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Aug 14, 2016 05:02 pm IST,  Updated : Aug 14, 2016 05:37 pm IST

षाबंधन पर बहनें अपने भाइयों की कलाई में राखी बांधती हैं और उनके लिए मंगल कामना करती हैं। भाई भी अपनी बहनों को इस पवित्र बंधन के बदले उपहार, उसकी रक्षा करने का वचन देते हैं। यह रक्षाबंधन का त्योहार शुरु कब से हुआ इस विषय में कई कथाएं प्रचलित हैं...

lord vishnu
lord vishnu

विष्णु पुराण की मान्यता
पुराणों में इस त्यौहार का जिक्र उस समय हुता है जब देवासुर संग्राम हुआ था। विष्णु पुराण में इसका वर्णन अध्याय नवम में किया गया है। पुराण में लिखा है कि देवाताओं और असुरों का संग्राम 12 बर्षों तक चला था। इस संग्राम में देवताओं की हार हुई और असुरों की जीत हुई। असुरों ने देवताओँ के राजा इंद्र को हराकर तीनों लोकों पर अपना अधिकार कर लिया।

देवता परास्त होकर जब बह्मा जी के पास पहुंचे तो उन्होने कहा देवता गण आप दुष्टों का संघार करने वाले भगवान विष्णु के पास जाओ वे ही संसार की उत्पत्ति, स्थिति और संघार के कारण हैं। वहां जाने से तुम्हारा कल्याण होगा। तब सारे देवगणों के साथ लोक पितामह श्री बह्मा जी स्वयं क्षीर सागर के तट पर गए।

वहां पहुंच कर भगवान विष्णु की स्तुति की। इसके बाद भगवान प्रकट हो बोले मै तुम्हारा बल फिर बढ़ाऊंगा। इसके बाद देवताओं ने अपने गुरु बृहस्पति से विचार विमर्श किया और रक्षा विधान को कहा। तब सावन की पूर्णिमा को प्रात: काल रक्षा का विधान सम्पन्न किया गया।

येन बद्धोबली राजा, दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वां प्रतिबध्नामि, रक्षे! मा चल! मा चल:।।

इन मंत्र से गुरू ने सावन की पूर्णिमा के दिन रक्षा विधान किया। इंद्राणी ने इंद्र के दायें हाथ में रक्षा सूत्र को बांध दिया। इसी सूत्र के बल पर इंद्र ने दानवों पर विजय प्राप्त की।

अगली स्लाइड में पढ़िए राजा बलि से जुड़ी एक मान्यता

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Religion से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल