धर्म डेस्क: माघ मास की अमावस्या मौनी अमावस्या के नाम से जानी जाती है। कहते हैं इसी दिन ऋषि, मनु का जन्म हुआ था। इस दिन मौन व्रत रखने की भी परंपरा है। साथ ही माघ मास की अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान का बहुत महत्व है। संयोग से मौनी अमावस्या के दिन सूर्य तथा चन्द्रमा, दोनों मकर राशि में गोचर कर रहे होते हैं, जिसके कारण इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है।
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आपकी तिजोरियां हमेशा भरी रहें, आपकी दिन-दुगनी रात-चौगनी तरक्की हो, इसके लिये मौनी अमावस्या के रात करें ये उपाय।
इस दिन रात के समय पीले रंग के कपड़े पहनकर उत्तर दिशा की ओर मुख करके ऊन या कुश के आसन पर बैठ जायें
अपने ठीक सामने एक लकड़ी की चौकी या पाटा रखकर, उस पर साफ कपड़ा बिछाकर एक थाली रखें। अब उस थाली में केसर या रोली से स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं और स्वास्तिक पर लक्ष्मी जी की मूर्ति या महालक्ष्मी यंत्र स्थापित करें।
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