1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. जीवन मंत्र
  4. Narak Chaturdashi 2020: जानें कब है नरक चतुर्दशी, इस दिन क्यों जलाते हैं यम के नाम का दीया

Narak Chaturdashi 2020: जानें कब है नरक चतुर्दशी, इस दिन क्यों जलाते हैं यम के नाम का दीया

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Nov 09, 2020 10:31 pm IST,  Updated : Nov 13, 2020 09:53 am IST

इस बार पंचांग में तिथियों के आधार पर नरक चतुर्दशी और दीपावली एक ही दिन 14 नवंबर को मनाई जाएगी। जानिए नरक चतुर्दशी मनाए जाने के पीछे की कहानी और पूजा का शुभ मुहूर्त।

Diya - India TV Hindi
Diya  Image Source : INSTAGRAM/CELEBRATION

दिवाली का त्योहार पांच दिन का होता है। जिसकी रौनक अभी से बाजार में दिखने लगी है। सामान्य तौर पर धनतेरस के अगले दिन नरक चतुर्दशी होती है लेकिन इस बार पंचांग में तिथियों के आधार पर नरक चतुर्दशी और दीपावली एक ही दिन 14 नवंबर को मनाई जाएगी। दोपहर से पहले नरक चतुर्दशी मनाई जाएगी तो वहीं दोपहर बाद दीवाली पूजन किया जाएगा। जानिए नरक चतुर्दशी मनाए जाने के पीछे की कहानी और पूजा का शुभ मुहूर्त। 

Dhanteras 2020: 13 नवंबर को है धनतेरस, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और कथा

जानें क्यों मनाई जाती है नरक चतुर्दशी 

नरक चतुर्दशी तिथि को ही भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर राक्षस का वध किया था। ऐसा इसलिए क्योंकि नरकासुर ने 16,000 कन्याओं को अपने वश में कर लिया था। इस राक्षस की कैद से कन्याओं को आजाद कराने के लिए भगवान कृष्ण को उसका वध करना पड़ा था। इसके बाद कन्याओं ने श्रीकृष्ण से कहा था कि अब हमें समाज स्वीकार नहीं करेगा। जिसके बाद कन्याओं को सम्मान दिलाने के लिए भगवान कृष्ण ने उनसे विवाह कर लिया था। 

यम के नाम का जरूर जलाएं दीया
नरक चतुर्दशी के दिन भगवान कृष्ण के अलावा यम देवता भी की पूजा की जाती है। इस दिन यम के नाम का दीया घर के मुख्य दरवाजे के पास जलाया जाता है। ये दीया परिवार से सदस्यों के बेहतर स्वास्थ्य की कामना और घर से नरक को दूर करने को प्रतीक होता है। 

धनतेरस के दिन सोना चांदी के साथ साथ खरीदें ये चीज, इससे जुड़ा है मां लक्ष्मी का संबंध

ये दीया सरसों के तेल का जलाया जाता है। जिसमें दो कौड़ियां, खीले और खिलौने होते हैं। इस दीए को घर का सबसे बुजुर्ग सदस्य ही जलाता है। इस दीए को जलाने के बाद पूरे घर में इसे लेकर जाना चाहिए। इसके बाद घर के मुख्य द्वार पर रख देना चाहिए। जब तक ये दीया बढ़ ना जाए तब तक बुजुर्ग सदस्य को वहां पर बैठे रहना चाहिए। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Religion से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल