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शोध में हुआ खुलासा, लड़कियां शादी और बच्चों के बिना रहती हैं ज्यादा खुश, जानें वजह

हाल में ही एक शोध सामने आया। जिसमें ये बात निकल कर सामने आईं कि अविवाहित महिलाएं, शादी-शुदा महिलाओं से ज्यादा रहती हैं। इस अध्ययन में अविवाहित महिलाओं के खुश रहने के कई कारण सामने आए हैं।

Written By: India TV Lifestyle Desk
Published : Jun 03, 2019 05:47 pm IST, Updated : Jun 03, 2019 05:48 pm IST
Single women- India TV Hindi
Single women

नई दिल्ली: अधिकतर लोग आज भी लड़कियों को देखकर यहीं कहते है कि इन्हें दूसरे घर जाना है। जहां पर उसकी एक नई जिंदगी की शुरुआत होगी। घर-परिवार, बच्चें आदि में वह इतना ज्यादा खुश होने के साथ-साथ अपनी अच्छा पूरी करती है। लेकिन हाल में ही एक शोध सामने आया। जिसमें ये बात निकल कर सामने आईं कि अविवाहित महिलाएं, शादी-शुदा महिलाओं से ज्यादा रहती हैं। इस अध्‍ययन में अविवाहित महिलाओं के खुश रहने के कई कारण सामने आए हैं।

अमेरिकन टाइम यूज सर्वे द्वारा किये गये अध्‍ययन के मुताबित विवाहित, अविवाहित, तलाकशुदा और विधवा महिलाओं के सुख-दुख के स्‍तरों की तुलना की गयी। जिसमें पाया गया कि विवाहित महिलाओं की तुलना में अविवाहित लोगों के दुख कम थे और वह ज्‍यादा खुश थी।

'लंदन स्‍कूल ऑफ इकोनॉमिक्‍स' के प्रोफेसर और 'हैप्‍पी एवर आफ्टर' पुस्‍तक के लेखक 'पॉल डोलन' कहते हैं, शादी से पुरूषों को ज्‍यादा फायदा होता है। जबकि महिलाएं शादी से पहले ज्‍यादा खुश रहती हैं। 'डोलन' के इस अध्‍ययन में बताते हैं कि महिलाओं में विवाह उनके स्‍वास्‍थ्‍य पर प्रभाव डालता है। जो महिलाएं शादी नहीं करती वह ज्‍यादा खुश और स्‍वस्‍थ रहती हैं। अध्‍ययनों के निष्‍कर्ष से यह बात सामने आई कि समय बदलने के साथ लोगों की सोच भी बदल रही है और शादी और बच्‍चे यह दो कारक नहीं हैं जो केवल महिलाओं को खुश रख सकते हैं।  

ऐसे कर सकते है दोनों की जिंदगी में फर्क

एक मैरिड लड़की होगी तो उसके पूरे न जाने कितनी तरह की पाबंदी हो सकती है। अपनी इच्छाओं को दबाकर वह परिवार की खुशी में ही अपनी खुशी ढूंढती हैं। वहीं दूसरी ओर अविवाहित लड़की अपने अनुसार जी सकती है। उसे अपनी तरह से जीने की स्वतंत्रता होती है। उनका जो मन अपनी इच्छा अनुसार काम करती है।

अविवाहित लड़की में जिम्मेदारी का बोझ न के बराबर होता है। वहीं दूसरी ओर एक विवाहित महिला दो परिवारों को संभालते के साथ-साथ बच्चों को देखरेख के साथ परिवार की हर एक छोटी से बड़ी जरुरत को पूरा करती है। जिससे उसे मानसिक के साथ-साथ शारीरिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है।

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