भोपालः कांग्रेस के सीनियर नेता दिग्विजय सिंह राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के खिलाफ पदयात्रा करेंगे। वह दो अक्टूबर से उज्जैन से अयोध्या तक पैदल जाएंगे। दिग्वजिय सिंह ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने भी राम मंदिर के लिए दान दिया था लेकिन चढ़ावे में चोरी हो रही है। इसलिए वो अपने दान की राशि वापस लेने के लिए कोर्ट में केस भी करेंगे। दिग्विजय सिंह ने कहा कि वो रामभक्तों से कहेंगे कि जिन जिन लोगों ने राम मंदिर में चढ़ावा दिया है। वो भी अपना पैसा वापस लाने के लिए उनके साथ पैदल अयोध्या चलें।
दान दिए गए पैसे का गलत इस्तेमाल किया गयाः दिग्विजय
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैंने अयोध्या में मुकदमा करने का फ़ैसला किया है। मेरा कहना है कि मैंने जो दान दिया था, उसका गलत इस्तेमाल किया गया। उसे हड़प लिया गया। इसलिए वह पैसा मुझे वापस मिलना चाहिए ताकि मैं उसे 'रामलय ट्रस्ट' में जमा कर सकूं। मुझे पुलिस स्टेशन पर भरोसा नहीं है। पुलिस बीजेपी के कंट्रोल में है, इसलिए मैं वहां नहीं जाऊंगा। मैं कोर्ट जाऊंगा।
दिग्विजय ने कहा कि राम मंदिर के लिए फंड इकट्ठा करने के दो अभियान चले थे। मैंने शुरुआती दौर में भी योगदान दिया था। हमारी राम मंदिर और भगवान राम में आस्था है। हालांकि, फंड इकट्ठा करने के पहले दौर का कोई हिसाब-किताब कभी नहीं दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद फिर से फंड इकट्ठा करने का काम शुरू हुआ। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने एक अभियान शुरू किया, लेकिन मैंने उन्हें कोई योगदान नहीं दिया। मुझे उन पर भरोसा नहीं है क्योंकि दान के पैसे का गलत इस्तेमाल करना उनके लिए कोई नई बात नहीं है। यह उनकी पुरानी आदत है।
दिग्विजय ने दिया था 1,11,000 रुपये दान
कांग्रेस नेता ने कहा कि मैंने सीधे दान करने का फैसला किया। चूंकि शिवराज सिंह चौहान उस समय मुख्यमंत्री थे। शिवराज ने 1 लाख रुपये दान किए थे। इसलिए मुझे लगा कि मुझे उससे ज़्यादा रकम देनी चाहिए। मैंने 1,11,000 रुपये दान किए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि वे यह पक्का करें कि दान की रकम ट्रस्ट में जमा हो जाए। हमने खुद इसे जमा किया और रसीद भी ली। हमने भगवान राम में आस्था और एक भव्य मंदिर की इच्छा के कारण दान दिया था। हालांकि, अब जो शिकायतें सामने आ रही हैं, वे चिंताजनक हैं।
चंदे का कोई हिसाब-किताब कभी नहीं दिया गयाः दिग्विजय
राम मंदिर चंदे के विवाद पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, "राम मंदिर के निर्माण के लिए चंदा इकट्ठा करने के दो अभियान चलाए गए थे। मैंने लाल कृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा के दौरान चंदा दिया था क्योंकि मेरी भगवान राम और मंदिर में आस्था है। पहले अभियान के दौरान इकट्ठा किए गए चंदे का कोई हिसाब-किताब कभी नहीं दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एक और चंदा अभियान शुरू किया गया।
केजरीवाल ने केंद्र पर साधा निशाना
वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अयोध्या में घोटाले तो पिछले पांच साल से चल रहे हैं तो प्रधानमंत्री को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। ट्रस्ट में केंद्र सरकार के सचिव भी हैं। ट्रस्ट को केंद्र सरकार ने ही बनाया था। सारे आदमी केंद्र सरकार ने चुने। केजरीवाल ने कहा कि ऐसे में ये बात गले नहीं उतरती कि अयोध्या में लूट चल रही थी और प्रधानमंत्री को ख़बर नहीं थी।
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