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जिस लड़की की हत्या के जुर्म में पिता-भाई जेल में बंद, वह जिंदा मिली, अब पुलिस से लगा रही रिहाई की गुहार

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : May 28, 2026 06:54 pm IST,  Updated : May 28, 2026 06:57 pm IST

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में पुलिस ने जिस लड़की को मृत मानकर उसके पिता और भाई को जेल भेज दिया था वह जिंदा मिली। लड़की पुलिस के पास जाकर अपने भाई और पिता की रिहाई की मांग की है।

पुलिस के पास पहुंची लड़की- India TV Hindi
पुलिस के पास पहुंची लड़की Image Source : REPORTER

बुरहानपुर। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला एक ऐसी लड़की का है जिसे मृत मानकर उसके ही पिता और भाई को हत्या के आरोप में जेल भेज दिया गया, लेकिन अब वही लड़की जिंदा मिल गई है और अपने परिजनों की रिहाई की गुहार लगा रही है।

युवक के साथ चली गई थी लड़की

दरअसल, यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के खकनार थाना क्षेत्र के खड़की गांव से जुड़ा हुआ है। यहां रहने वाली शिवानी नाम की युवती अप्रैल महीने में अरुण नामक युवक के साथ अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने 1 मई को खकनार थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस भी उसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन इसी बीच मामला अप्रत्याशित मोड़ ले लिया।

पुलिस को मिली थी अज्ञात लड़की की लाश

करीब 10 दिन बाद महाराष्ट्र के जलगांव जामोद क्षेत्र में पुलिस को एक सिर कटी और जली हुई अज्ञात युवती की लाश मिली। शव की हालत इतनी खराब थी कि उसकी पहचान करना बेहद मुश्किल था। ऐसे में जलगांव जामोद पुलिस ने आसपास के थानों से संपर्क किया। इसी दौरान खकनार थाना क्षेत्र से एक युवती के लापता होने की जानकारी सामने आई।

महाराष्ट्र पुलिस ने बिना ठोस पुष्टि के उस अज्ञात शव को शिवानी का मान लिया और इसी आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया। इतना ही नहीं, पुलिस ने जल्दबाजी में कार्रवाई करते हुए शिवानी के पिता बापूराम कलमेकर और भाई अजय को आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया। दोनों को हत्या के आरोप में जेल भेज दिया गया और बुलढाणा जेल में बंद कर दिया गया।

युवक के साथ लड़की पुलिस के सामने पेश

मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब हाल ही में शिवानी जिंदा सामने आ गई। वह अरुण नामक युवक के साथ मिली और पुलिस के सामने पेश होकर उसने साफ कहा कि वह जिंदा है और उसके पिता व भाई निर्दोष हैं। शिवानी ने पुलिस से अपील की कि उसके परिजनों को तुरंत रिहा किया जाए, क्योंकि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।

पुलिस ने कही ये बात

खकनार थाना प्रभारी अभिषेक जाधव ने भी पुष्टि की है कि जिस युवती की गुमशुदगी दर्ज थी, वह अब जीवित मिल गई है। उन्होंने बताया कि युवती को दस्तियाब कर लिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस खुलासे के बाद महाराष्ट्र के जलगांव जामोद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बिना डीएनए जांच या पुख्ता पहचान के केवल अनुमान के आधार पर हत्या का मामला दर्ज करना और परिजनों को आरोपी बनाकर जेल भेज देना एक बड़ी लापरवाही मानी जा रही है।

अब सवाल यह उठता है कि आखिर जिस अज्ञात युवती का शव मिला था, वह कौन थी? उसकी पहचान अब तक नहीं हो पाई है और असली मामले की जांच भी अधूरी रह गई है। वहीं दूसरी ओर, निर्दोष पिता और भाई को जेल में बिताए गए दिनों का जिम्मेदार कौन होगा, यह भी एक बड़ा प्रश्न है। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की जांच प्रक्रिया और जवाबदेही को लेकर बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो।

 रिपोर्ट- शारिक अख्तर दुर्रानी

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