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'तुम दाढ़ी रखो या मूंछ कटाओ', ऐसा क्यों बोले स्वामी रामदेव? EXCLUSIVE इंटरव्यू में समझें पूरा माजरा

 Published : Jul 13, 2026 03:57 pm IST,  Updated : Jul 13, 2026 04:39 pm IST

योग गुरु बाबा रामदेव ने हिंदू राष्ट्र के मुद्दे पर मुसलमानों को आश्वस्त करने की कोशिश की कि उन्हें भारत में किसी भी तरह से डरने की जरूरत नहीं है। उनके इस बयान पर सियासी घमासान मच गया। अब इसी मुद्दे पर योग गुरु ने इंडिया टीवी से विस्तृत बात की है।

योग गुरु बाबा रामदेव के 'हिंदू राष्ट्र' को लेकर दिए बयान पर सियासी घमासान मच गया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हमारे मजहब अलग हो सकते हैं लेकिन हमारे पूर्वज एक ही हैं। उन्होंने हिंदू राष्ट्र के मुद्दे पर मुसलमानों को आश्वस्त करने की कोशिश की कि उन्हें भारत में किसी भी तरह से डरने की जरूरत नहीं है। जैसे ही ये बयान सामने आया, बयानबाजी की जंग छिड़ गई। कांग्रेस ने सवाल उठाए और AIMIM ने भी पलटवार किया। इसी मुद्दे पर इंडिया टीवी के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में स्वामी रामदेव ने कहा कि भारत में सभी नागरिकों के अधिकार समान है। मैंने पूरी जिंदगी में कभी नफरत की बात नहीं की। 

'सनातन से किसी को आपत्ति होनी ही नहीं चाहिए'

स्वामी रामदेव ने आगे बताया, ''सनातन दुनिया का सबसे पुराना धर्म है और हम सभी हिंदू राष्ट्र का अभिन्न अंग है। हम सभी का DNA एक है। सनातन से किसी को आपत्ति होनी ही नहीं चाहिए। भारत ने वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा दुनिया को दी है। अफगानिस्तान भी कहता है कि हमारे पूर्वज एक है। हमें सभी को अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए।''

बाबा रामदेव ने DU में क्या संदेश दिया था?

दरअसल, रविवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में बाबा रामदेव ने कहा कि सभी भारतीयों के पूर्वज एक हैं और हिंदू राष्ट्र की अवधारणा से किसी को डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के गेट पर भी यही संदेश लिखा है कि हिंदू राष्ट्र के नाम पर किसी को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है।

'मुसलमानों को अपने पूर्वजों की परंपरा अपनानी चाहिए'

समारोह को संबोधित करते हुए बाबा रामदेव ने कहा, ''मुसलमानों को डराया जाता है कि अगर भारत हिंदू राष्ट्र बन गया तो वे कहां जाएंगे। लेकिन मुसलमानों को अपने पूर्वजों की परंपरा अपनानी चाहिए। चाहे वे दाढ़ी रखें या अलग तरह के वस्त्र पहनें लेकिन चरित्र अपने ऋषि-मुनियों जैसा होना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि मुसलमानों को किसी भी तरह का खतरा नहीं है।''

AIMIM ने क्या प्रतिक्रिया दी?

उनके बयान ‘मुसलमानों को डरने की जरूरत नहीं’ पर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM सहित कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी। AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने योग गुरु बाबा रामदेव के बयान पर कहा था, ''मुसलमान किसी के बाप से नहीं डरता है। हम संविधान का सम्मान करते हैं। अपनी बात कायदे कानून के दायरे में रखकर करते हैं। हमारी खामोशी को डर की गिनती में मत लो। आप संविधान को मानते नहीं हैं। डरने-घबराने की क्या बात करना।''

बता दें कि 24 जुलाई को दिल्ली में अलग-अलग सियासी दलों के मुस्लिम नेताओं की बैठक भी होने वाली है। इस बैठक में ओवैसी, मदनी और नदवी जैसे दिग्गज नेता मुस्लिमों के मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

सलमान खुर्शीद ने क्या कहा?

वहीं, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, ''अगर सभी सनातनी थे तो फिर यहां इतनी दरारें डालने की कोशिश क्यों की जाती है? सभी को सनातनी मान लेना चाहिए। मैं किसी के विचार से सहमत नहीं हूं। मैं केवल कांग्रेस पार्टी के विचार से सहमत हूं। हमारा विचार वह है जो संविधान कहता है। हम संविधान में विश्वास रखते हैं और सभी की आस्था संविधान में है। हमें संविधान के दायरे में रहकर अपनी बात कहनी चाहिए।''

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