मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिले के हैदरगढ़ गांव में बकरीद (ईद-उल-अज़हा) के मौके पर एक नया विवाद छिड़ गया। मुस्लिम समुदाय ने ग्राम पंचायत से बकरीद के दौरान तीन दिनों तक पाड़ा (भैंस का बछड़ा) काटने की अनुमति मांगी थी, जिसे सरपंच ने मना कर दिया। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि कुर्बानी देना उनकी परंपरा है और वे इसका पालन करते रहेंगे, भैंसा हर हाल में कटेगा। इसके बाद मामला हाई कोर्ट में भी गया। आइए जानते हैं कि क्या है ये पूरा विवाद और इस पर कोर्ट ने क्या कहा है।
क्यों हो रहा है विवाद?
दरअसल, हैदरगढ़ पंचायत में 17 मई 2025 को मुस्लिम समुदाय ने आवेदन देकर अनुमति मांगी कि उन्हें 3 दिन तक पाड़े की कुर्बानी दिए जाने की अनुमति दी जाए। इस मांग को ग्राम पंचायत की तरफ से कोई सहमति न देते हुए निरस्त कर दिया गया है। हालांकि, मुस्लिम पक्ष ने कहा कि कुर्बानी देना हमारी परंपरा है और कुर्बानी होकर रहेगी, चाहे कुछ भी हो।
हाई कोर्ट ने मामले में क्या कहा?
विदिशा जिले में भैंस काटने को लेकर हुए विवाद का मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंचा। यहां मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा कि पहले पंचायत अधिनियम के तहत अपील की जानी चाहिए। हाई कोर्ट ने इसके साथ ही संबंधित एसडीओ को 6 जून तक इस मामले का निराकरण करने का आदेश दिया।
हिंदू पक्ष ने क्या दलील दी?
इंडिया टीवी की टीम हालात का जायजा लेने हैदरगढ़ गांव पहुंची जहां के हिंदू समुदाय के लोगों में बेहद नाराजगी दिखाई दी। उनका कहना था कि जैसी परंपरा रही है, बकरे की बलि घर में दी जाती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं, लेकिन सार्वजनिक स्थान पर तीन दिन तक पाड़ा काटने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्हें आशंका है कि पाड़े की आड़ में गाय भी काटी जा सकती है। सरपंच सुनील विश्वकर्मा का कहना है कि अगर अनुमति निरस्त होने के बाद भी कुर्बानी दी गई तो वे सड़कों पर उतरेंगे और यह मामला हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोवंश की हत्या नहीं होने देंगे।
मुस्लिम पक्ष क्या बोला?
वहीं, मुस्लिम पक्ष इस बात पर अड़ा हुआ है कि वे पाड़े की कुर्बानी देकर रहेंगे। इस विवाद के हल का इंतजार अब प्रशासनिक व कानूनी स्तर पर किया जा रहा है। हैदरगढ़ में हिंदू, मुसलमान और सरपंच ने अपनी- अपनी बात रखी है लेकिन मुसलमान पक्ष ने कहा है कि हम हर हाल में पाड़ा काटेंगे।
आखिरकार बनी सहमति
प्रशासन और हिंदू-मुस्लिम दोनों पक्षों के बीच दिनभर चली कवायद के बाद मुस्लिम पक्ष ने सर्व सम्मति से बकरीद के दिन पाड़ा नहीं काटने का फैसला लिया है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद मुस्लिम पक्ष को पाड़ा काटने की अनुमति के लिए एसडीओ के पास जाना था लेकिन मुस्लिम पक्ष ने एसडीओ के पास या जिला प्रशासन के पास अनुमति के लिए कोई आवेदन नहीं दिया। इसके बाद एसडीओ ने दोनों पक्षों की बैठक बुलाई थी। एसडीओ मनोज उपाध्याय के मुताबिक, बैठक में दोनों पक्षों में सहमति बनी और तय हुआ कि पंचायत के फैसले को बरकरार रखा जाएगा।
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