आम तौर पर आपने जेल में चक्की और आटा पीसने की कहावत काफी सुनी होगी। लेकिन अब जल्द ही इस कहावत में बदलाव होने जा रहा है। क्योंकि अब जेल में कैदी ऑटोमैटिक मशीन में धनिया और हल्दी जैसे मसाले पीसते नजर आने वाले हैं। दरअसल, मध्य प्रदेश के इंदौर के केंद्रीय जेल के प्रशासन की ओर से ये पहल शुरू की गई है। यहां केंद्रीय जेल के बंदी मसाले पीसते नजर आएंगे। आइए जानते हैं कि अधिकारियों ने इस पहल के बारे में क्या जानकारी दी है।
कौन से मसाले पीसे जाएंगे?
अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इंदौर में केंद्रीय कारागार में कैदियों द्वारा मशीन पर मसाले पीसे जाएंगे। इंदौर केंद्रीय जेल की अधीक्षक अल्का सोनकर ने इस बारे में बताया है कि कारागार के भीतर खोले गए मसाला उद्योग में कैदी- धनिया, हल्दी, कश्मीरी लाल मिर्च और गरम मसाला पीसेंगे। पीसे गए मसालों को आम ग्राहकों के लिए भी उपलब्ध काराया जाएगा।
क्या है इस पहल का मकसद?
मध्यप्रदेश के जेल और सुधारात्मक सेवाएं विभाग के महानिदेशक गोविंद प्रताप सिंह ने बृहस्पतिवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर केंद्रीय जेल में ‘मां अहिल्या मसाला उद्योग’ का उद्घाटन किया। सिंह ने इस कार्यक्रम के दौरान कहा- ‘‘हम कैदियों को जेल के भीतर ऐसे अलग-अलग उद्योगों का प्रशिक्षण दे रहे हैं जिन्हें शुरू करने के लिए बहुत कम पूंजी की जरूरत पड़ती है। यह प्रशिक्षण जेल से रिहाई के बाद स्वरोजगार शुरू करने में इन लोगों के लिए मददगार साबित होगा।’’
आम लोगों को कैसे मिलेगा मसाला?
अधिकारियों के मुताबिक, जेल में कैदियों द्वारा पीसे गए मसालों का इस्तेमाल इंदौर और इसके आस-पास के जिलों की जेलों में भी किया जाएगा। इसके अलावा ये मसाले इंदौर की जेल के बाहर दुकान पर 250 ग्राम, 500 ग्राम और एक किलोग्राम के पैकेट में उपलब्ध रहेंगे। (इनपुट: भाषा)
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