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इंदौर: दूषित पानी के मामले में 29वीं मौत का दावा, 62 साल के बुजुर्ग ने तोड़ा दम

 Edited By: Vinay Trivedi
 Published : Jan 28, 2026 02:27 pm IST,  Updated : Jan 28, 2026 02:27 pm IST

इंदौर में दूषित पानी पीने के मामले में एक और मौत हो गई है। उल्टी-दस्त से परेशान 62 साल के खूबचंद बंधैया को अपनी जान गंवानी पड़ी है।

Indore contaminated water deaths- India TV Hindi
इंदौर में संक्रमित पानी पीने से एक और मौत। Image Source : PTI (फाइल फोटो)

इंदौर: मध्य प्रदेश में इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में 62 साल के एक शख्स की मौत हो गई है। उनके परिजनों ने बताया कि उन्हें दूषित पीने के पानी से उल्टी-दस्त हुआ और इसी वजह से उन्हें जान गंवानी पड़ी। ताजा मामले को मिलाकर लोकल लोगों ने महीने भर पहले फैले इस प्रकोप में अब तक 29 लोगों की मौत हो जाने का दावा किया है। हालांकि, एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में 27 जनवरी को मध्य प्रदेश सरकार की पेश ‘डेथ ऑडिट’ रिपोर्ट में संभावना जताई गई कि भागीरथपुरा में 16 लोगों की मौत हुई। इसका कनेक्शन इस इलाके में दूषित पेयजल की वजह से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण हो सकता है।

15-20 दिन से उल्टी और दस्त से थे परेशान

परिजनों के अनुसार, भागीरथपुरा के निवासी खूबचंद बंधैया ने उल्टी-दस्त के इलाज के दौरान मंगलवार को अंतिम सांस ली। बंधैया के बेटे रोहित ने बताया,‘दूषित पानी पीने की वजह से मेरे पिता को पिछले 15-20 दिन से उल्टी-दस्त था। हम उनको भागीरथपुरा के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इलाज के लिए ले गए थे, जहां उन्हें दवाइयां दी गई थीं। लेकिन बाद में हमारे घर में जारी इलाज के दौरान उनकी मंगलवार को मौत हो गई।’

बेटे ने अफसरों पर लगाया लापरवाही का आरोप

रोहित का दावा है कि उन्होंने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अफसरों से कहा था कि उनके पिता को हॉस्पिटल में भर्ती कराया जाए, लेकिन उनके घर पर एम्बुलेंस नहीं भेजी गई।

रिटायर्ड जज की निगरानी में हो रही जांच

जान लें कि एमपी हाईकोर्ट ने भागीरथपुरा की पेयजल त्रासदी की जुडिशियल जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुशील कुमार गुप्ता की अगुवाई में एक मेंबर की कमेटी गठित की है। हाईकोर्ट ने इस कमेटी को न्यायिक जांच की कार्यवाही शुरू होने की तारीख से 4हफ्ते के भीतर अंतरिम रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

हालांकि, अफसरों ने बताया कि भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त के मामले आना दिसंबर के अंतिम में शुरू हुए थे। भागीरथपुरा में 51 नलकूपों में दूषित पानी मिला। यहां पानी की जांच के दौरान रिपोर्ट में ‘ई-कोलाई’ बैक्टीरिया के बारे में जानकारी मिली। इस बैक्टीरिया की वजह से भागीरथपुरा में बड़े पैमाने पर लोग संक्रमित हो गए। भागीरथपुरा में नगर निगम की पेयजल पाइपलाइन में रिसाव की वजह से इसमें एक टॉयलेट के सीवर का पानी मिल गया था।

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