1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. MP Municipal Election Result: AIMIM के टिकट पर खरगोन की पार्षद बनीं अरुणा उपाध्याय, बोलीं- मैं हिंदू मुसलमान को नहीं मानती

MP Municipal Election Result: AIMIM के टिकट पर खरगोन की पार्षद बनीं अरुणा उपाध्याय, बोलीं- मैं हिंदू मुसलमान को नहीं मानती

 Written By: Khushbu Rawal
 Published : Jul 21, 2022 10:05 pm IST,  Updated : Jul 21, 2022 10:05 pm IST

MP Municipal Election Result: AIMIM के टिकट पर पार्षद चुनाव जीतने वाली अरुणा श्यामा उपाध्याय ने कहा कि हालांकि वह इस साल की शुरुआत में खरगोन में हुए सांप्रदायिक दंगों से आहत थीं, लेकिन उनकी जीत ने अब उन्हें खुश कर दिया है क्योंकि यह ‘‘भाईचारे और इंसानियत’’ की जीत है।

Aruna Upadhyay and Asaduddin Owaisi- India TV Hindi
Aruna Upadhyay and Asaduddin Owaisi Image Source : FILE PHOTO

Highlights

  • खरगोन से AIMIM के टिकट पर पार्षद बनीं अरुणा उपाध्याय
  • यह भाईचारे और मानवता की जीत है- अरुणा उपाध्याय
  • 'ओवैसी के विचारों से प्रभावित होकर AIMIM के टिकट पर चुनाव लड़ा'

MP Municipal Election Result: मध्य प्रदेश में पहली बार नगरीय निकाय चुनाव लड़ने वाली असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM को बुधवार को घोषित नतीजों में पार्षदों की 3 सीटों पर जीत मिली है। खरगोन नगर पालिका के चुनाव नतीजे चौंकाने वाले रहे। AIMIM ने तीन वार्ड जीत लिए। वार्ड नंबर- 2 से पार्टी की हिंदू महिला कैंडिडेट अरुणा श्यामलाल उपाध्याय ने जीत दर्ज की है। जीत के बाद अरुणा ने कहा कि वे ओवैसी के विचारों से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा, मेरे लिए मुद्दा जनता की सेवा करना रहा है इसीलिए मैं AIMIM पार्टी में आई हूं। मैं हिंदू और मुसलमान इन सब चीजों को नहीं मानती हूं, क्योंकि सभी इंसान हैं। सब एक होकर रहें, वही अच्छा है।

'खरगोन सांप्रदायिक दंगों से आहत थीं, लेकिन अब जीत ने खुश कर दिया'

AIMIM के टिकट पर पार्षद चुनाव जीतने वाली अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की हिंदू महिला ने कहा कि सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देना उनकी प्राथमिकता है। 36 वर्षीय अरुणा श्यामा उपाध्याय ने कहा कि हालांकि वह इस साल की शुरुआत में खरगोन में हुए सांप्रदायिक दंगों से आहत थीं, लेकिन उनकी जीत ने अब उन्हें खुश कर दिया है क्योंकि यह ‘‘भाईचारे और इंसानियत’’ की जीत है।

खरगोन शहर में इस साल 10 अप्रैल को रामनवमी के अवसर पर निकाले गए जुलूस के दौरान समूहों के झड़पों के बाद सांप्रदायिक दंगे हुए थे। असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम अल्पसंख्यक समुदाय के मुद्दों को उठाने के लिए जानी जाती है। पार्टी ने खरगोन नगर परिषद की कुल 33 सीटों में से सात पर चुनाव लड़ा और उनमें से तीन पर जीत हासिल की। उपाध्याय ने पार्टी के टिकट पर हाल ही में एससी वर्ग की महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित वार्ड नंबर दो से स्थानीय निकाय का चुनाव लड़ा था। चुनाव के नतीजे बुधवार को घोषित किए गए।

'यह भाईचारे और मानवता की जीत है'
12वीं कक्षा तक पढ़ीं उपाध्याय ने कहा, ‘‘यह भाईचारे और मानवता की जीत है। मैंने धार्मिक आधार पर चुनाव नहीं लड़ा बल्कि इंसानियत के लिए लड़ा और मैं इंसानियत के लिए काम करुंगी।’’ उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द्र को बढ़ावा देना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, ‘‘10 अप्रैल को खरगोन में हुए सांप्रदायिक दंगों से मैं बहुत आहत थी और इसलिए मैंने अब लोगों के बीच सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए काम करने का फैसला किया है।’’

'ओवैसी देश के संविधान और समानता के बारे में बात करते हैं'
अरुणा ने बताया कि उन्होंने पार्टी प्रमुख ओवैसी के विचारों से प्रभावित होकर एआईएमआईएम के टिकट पर चुनाव लड़ा, क्योंकि वह देश के संविधान और समानता के बारे में बात करते हैं। वह डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर और संविधान के बारे में बात करते हैं और मैं भी दलित समुदाय से हूं...अब समाज सेवा और मेरे वार्ड का विकास मेरी प्राथमिकता होगी। मेरे पति ने मुझे चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया, ताकि मैं जरूरतमंदों की सेवा कर सकूं और उन्हें कई बुनियादी और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।’’

चुनाव में उपाध्याय को कुल 643 मत मिले। उन्होंने भाजपा की उम्मीदवार संगीता गंगेले को 31 वोटों के मामूली अंतर से हराया। खरगोन नगर पालिका की 33 सदस्यीय निकाय में भाजपा ने 18, कांग्रेस ने चार, निर्दलीय उम्मीदवारों ने आठ और एआईएमआईएम ने तीन सीटें जीती हैं।

(इनपुट- भाषा)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। मध्य-प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।