भोपाल: भोपाल में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान कथित पथराव मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। झांकी समिति के अध्यक्ष की जिस रिपोर्ट पर 3 लोगों को आरोपी बनाकर केस दर्ज किया गया था। दरअसल वो घटना के वक्त मौके पर मौजूद ही नहीं थे। सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान ने पूरी कहानी पलट दी है। अब पुलिस खुद सवालों के घेरे में झांकी समिति के अध्यक्ष को खड़ा कर रही है।
झांकी समिति के अध्यक्ष ने लगाया था आरोप
सोमवार रात राजधानी भोपाल के गौतम नगर थाना क्षेत्र के आरिफ नगर इलाके में गणेश विसर्जन के दौरान गणेश प्रतिमा पर पथराव की खबर से अचानक तनाव बढ़ गया। झांकी समिति के अध्यक्ष की तरफ से आरोप लगाया गया कि जुलूस पर पत्थर फेंके गए। इससे छोटी-बड़ी गणेश प्रतिमाएं खंडित हो गईं। इलाके में तनाव फैलते ही भीड़ उग्र हो हो गई। प्रदर्शन हुआ चक्का जाम और थाने का घेराव कर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की गई। हालात काबू में लाने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
जिन लोगों पर दर्ज हुआ केस, वो मौके पर थे ही नहीं
चक्का जाम लगातार हो रहे उग्र प्रदर्शन के दबाव के बीच पुलिस ने समिति अध्यक्ष चरण सिंह कुशवाह की शिकायत पर तीन युवकों अब्दुल हलीम, साहिल बच्चा और यामीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। लेकिन 24 घंटे की पुलिस जांच ने पूरी तस्वीर ही बदल दी। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में पाया गया कि आरोपी बताए गए युवक घटना स्थल पर मौजूद ही नहीं थे। सीसीटीवी फुटेज और लोगों से पूछताछ में पता चला कि दो आरोपी अब्दुल हलीम और साहिल बच्चा जिस वक्त पथराव बताया गया उसे वक्त वह पथराव वाली जगह पर मौजूद ही नहीं थे। तीसरे आरोपी यामीन की तो पहचान ही अभी तक पुख्ता नहीं हो पाई है।
एडिशनल डीसीपी ने किया बड़ा खुलासा
एडिशनल डीसीपी, जोन-3 शालिनी दीक्षित ने बताया कि हमारी जांच में सामने आया इस तरीके का कोई पथराव घटनाक्रम नहीं हुआ है। जो भी इसमें आरोपी बताए गए हैं। सीसीटीवी के फुटेज देखने पर और आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर जो दो आरोपी है। उनकी उपस्थिति घटना स्थान पर नहीं पाई गई है और तीसरा आरोपी तो अभी तक आईडेंटिफाई ही नहीं हुआ है। हमारी प्रारंभिक अनुसंधान में यह स्पष्ट हुआ है कि जो झांकी समिति के अध्यक्ष है। उनके खिलाफ है उन पर पूर्व में ही दो प्रकरण थाना गौतम नगर में दर्ज हुए कहीं ना कहीं दबाव बनाने के उद्देश्य से इस तरह की रचना की गई है। इन्वेस्टिगेशन पूरा हो जाने के बाद जो विधिक कार्रवाई होगी वह होगी। जिनके नाम लिखे गए थे। हमने उनकी तस्वीर फुटेज देखकर कि उनकी उपस्थिति नहीं पाई गई।
पुरानी रंजिश में गढ़ी गई झूठी कहानी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ। दरअसल, फरियादी चरण सिंह कुशवाह और आरोपी बनाए गए अब्दुल हलीम के बीच पहले से विवाद रहा है। 8 अगस्त को अब्दुल हलीम ने ही चरण कुशवाह पर वाहन में तोड़फोड़ और धमकी का केस दर्ज कराया था। पुलिस को अब शक है कि उसी विवाद का बदला लेने के लिए इस बार झूठी कहानी गढ़ी गई और पथराव का आरोप लगाकर मामला दर्ज कराया गया।
शालिनी दीक्षित ने बताया कि हमारी प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जो झांकी समिति के अध्यक्ष है उनके खिलाफ है उन पर पूर्व में ही दो प्रकरण थाना गौतम नगर में दर्ज हुए कहीं ना कहीं दबाव बनाने के उद्देश्य से इस तरह की रचना की गई है।
भगवान गणेश की प्रतिमा खंडित कैसे हुई
भोपाल में गणेश विसर्जन के दौरान हुए कथित पथराव मामले की हकीकत अब संदेह के घेरे में है। पुलिस जांच ने साफ कर दिया है कि जिन युवकों को आरोपी बनाया गया, वो मौके पर थे ही नहीं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर पत्थरबाजी हुई ही नहीं तो आखिर भगवान गणेश की प्रतिमा खंडित कैसे हुई और इसके पीछे असली जिम्मेदार कौन है।