खंडवाः "ये इश्क नहीं आसान, इतना ही समझ लीजे, एक आग का दरिया है और डूब के जाना है" ये शायरी अलग-अलग धर्म के प्रेमी जोड़े पर सटीक बैठती है। दरअसल, मध्य प्रदेश के खंडवा में हिंदू युवक के प्यार में मुस्लिम युवती रुखसाना राखी बन गई। अलग–अलग धर्मो के होने के कारण परिजन नहीं माने तो दोनों ने हिम्मत नहीं हारी और एक-दूसरे की होने की ठान ली।
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बाबा को साक्षी मानकर हिंदू युवक से की शादी
शिवरात्रि के मौके पर प्रेमी जोड़े ने खंडवा के महादेवगढ़ मंदिर में भगवान भोले बाबा को साक्षी मानकर हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। मंदिर के पुजारी ने मंत्रोच्चार करके हिंदू विधि-विधान के साथ शादी करवाई।

शादी पहले हिंदू धर्म अपनाया
मिली जानकारी के अनुसार, खंडवा के पीपलकोटा के रहने वाले सुनील और बंगारदा की रहने वाली रुखसाना शिव मंदिर में विवाह बंधन में बंध गए। महादेवगढ़ प्रमुख अशोक पालीवाल ने बताया कि आज बंगारदा की रहने वाली रुखसाना पीपलकोटा के सुनील के साथ शादी की है। शादी करने से पहले वह धर्म परिवर्तन कर रुखसाना से राखी बन गई।
शादी से दोनों खुश
प्रेमी जोड़े ने कहा कि महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर आज हम दोनों ने अपनी मर्जी से आकर विवाह किया है। रुखसाना ने सनातन हिंदू धर्म अपना लिया है और उन्होंने रामचरित मानस पढ़कर प्रभु श्री राम के जीवन को समझने की इच्छा प्रकट की है। शादी से दोनो ही बहुत खुश हैं।

शादी में शामिल नहीं हुए परिजन
अलग-अलग धर्म के प्रेमी जोड़े की शादी की चर्चा खंडवा ही नहीं पूरे प्रदेश में हो रही है। शादी में प्रेमी जोड़े के परिजन शामिल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि सुनील और रुखसाना उर्फ राखी परिजनों से दूर अलग रहकर जीवन व्यतीत करेंगे। दोनों लंबे समय से एक-दूसरे से प्यार करते थे। प्यार को दोनों ने अंजाम कर पहुंचा दिया है। अब एक-दूसरे के साथ जिंदगी भर रहने की कसमें खा ली हैं।
रिपोर्ट- प्रतीक मिश्रा