मध्य प्रदेश के शाजापुर शहर के एक मुख्य ट्रैफिक पॉइंट पर उस वक्त लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जब एक मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति खुद को असली ट्रैफिक पुलिसकर्मी समझ बैठा। वह पूरे रौब के साथ बीच चौराहे पर आ खड़ा हुआ और वहां से गुजरने वाले वाहनों को रोकना और चलाना शुरू कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि करीब दो घंटे तक यह हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा, लेकिन मौके पर यातायात व्यवस्था संभालने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी या पुलिसकर्मी उसे हटाने नहीं पहुंचा। जहां एक तरफ राहगीरों ने इसे हंसी-मजाक और मनोरंजन के तौर पर लिया, वहीं दूसरी तरफ इस वाकये ने शहर की सुरक्षा और यातायात निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
इशारों पर नाचती रही गाड़ियां
शाजापुर के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक पर अचानक एक अनोखा और हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला। एक मानसिक रूप से अस्वस्थ शख्स पूरे आत्मविश्वास के साथ ट्रैफिक सिपाही की तरह चौराहे के बीचो-बीच तैनात हो गया। वह बाकायदा हाथों के इशारे देकर गाड़ियों को रोकने और आगे बढ़ने का सिग्नल देने लगा। दिलचस्प बात यह रही कि सड़क पर चल रहे कई वाहन चालक भी उसे असली पुलिसवाला समझकर उसके इशारों का पालन करने लगे। आसपास मौजूद लोग इस पूरे मंजर को देखकर हंसते रहे और अपने मोबाइल में वीडियो कैद करते रहे। करीब दो घंटे तक यह चौराहा आम जनता के लिए मनोरंजन का अखाड़ा बना रहा।
ड्यूटी से गायब रही पुलिस
इस पूरे घटनाक्रम ने जहां लोगों को हंसने का मौका दिया, वहीं इसका एक बेहद गंभीर पहलू भी सामने आया। जिस व्यस्त पॉइंट पर चौबीसों घंटे ट्रैफिक पुलिस की मुस्तैदी होनी चाहिए थी, वहां दूर-दूर तक कोई सुरक्षाकर्मी नजर नहीं आया। यही वजह रही कि वह विक्षिप्त व्यक्ति बिना किसी रोक-टोक या डर के काफी देर तक अकेले ही पूरे चौराहे का ट्रैफिक संभालता रहा।
हादसे की आशंका और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल
गनीमत यह रही कि इस लापरवाही के दौरान कोई अप्रिय घटना या बड़ा सड़क हादसा नहीं हुआ, क्योंकि कई बार गाड़ियां अचानक रुक और चल रही थीं। हालांकि, यह घटना स्थानीय प्रशासन और यातायात विभाग की कार्यप्रणाली की पोल खोलती है। सवाल यह उठ रहा है कि इतने व्यस्त इलाके में दो घंटे तक अव्यवस्था फैलती रही, लेकिन कंट्रोल रूम या किसी जिम्मेदार अधिकारी को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी?
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
फिलहाल इस अनोखे ट्रैफिक कंट्रोलर का यह वीडियो सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग इस पर तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं। भले ही लोग इसे एक हल्के-फुल्के मजाक के रूप में देख रहे हों, लेकिन यह वाकया साफ तौर पर सचेत करता है कि व्यस्त चौराहों पर ट्रैफिक की मॉनिटरिंग और पुलिस की मौजूदगी कितनी अनिवार्य है।
रिपोर्ट- विनोद जोशी
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