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महाराष्ट्र: अंबरनाथ नगर परिषद में हो गया सियासी खेल, भाजपा-नेतृत्व वाली गठबंधन को लगा बड़ा झटका

महाराष्ट्र में बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद उसे सत्ता से बाहर रखने के लिए बनाई गई भाजपा-नेतृत्व वाली गठबंधन को बड़ा झटका लगा है। जानें पूरा मामला...

Reported By : Sachin Chaudhary Edited By : Kajal Kumari Published : Jan 09, 2026 06:11 pm IST, Updated : Jan 09, 2026 07:30 pm IST
महाराष्ट्र में बड़ा सियासी उलटफेर- India TV Hindi
महाराष्ट्र में बड़ा सियासी उलटफेर

महाराष्ट्र में बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिल रहा है। शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद उसे सत्ता से बाहर रखने के लिए बनाई गई भाजपा-नेतृत्व वाली गठबंधन को बड़ा झटका लगा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के चार पार्षदों ने भाजपा समर्थित व्यवस्था से अपना समर्थन वापस ले लिया है। इसके बाद शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस और एक निर्दलीय पार्षद के समर्थन से परिषद में स्पष्ट बहुमत होने का दावा किया जा रहा है।
 
एनसीपी पार्षदों ने कांग्रेस के साथ सत्ता साझा करने को लेकर असहजता जताई है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि वे 2023 से कांग्रेस का विरोध करते आ रहे हैं और उसके साथ गठबंधन स्वीकार्य नहीं है। उनका यह भी कहना है कि चुनाव के बाद जनादेश महायुति के पक्ष में था, न कि कांग्रेस के साथ गठबंधन के लिए।
 
इस घटनाक्रम को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवि चव्हाण के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। उन्हीं की पहल पर कांग्रेस के साथ गठबंधन किया गया था और बाद में निष्कासित कांग्रेस पार्षदों को भाजपा में शामिल कराया गया।
 
अंबरनाथ नगर परिषद की वर्तमान स्थिति:
• शिवसेना: 27
• शिवसेना को समर्थन देने वाला निर्दलीय: 1
• राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट): 4
• शिवसेना समर्थक कुल संख्या: 32
• भाजपा: 14
• कांग्रेस: 12


भाजपा नेता का बड़ा बयान

अजित पवार की ओर से स्थानीय भाजपा नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप पर भाजपा नेता प्रसाद लाड ने कहा, इन आरोपों में कोई तथ्य नहीं, अजित दादा पवार को सच्चाई जान लेनी चाहिए। चुनावी रणनीति में आरोप करना बहुत आसान होता है लेकिन बाद में आरोप का खंडन करके उस व्यक्ति का जो चरित्र हनन होता है जो डैमेज होता है उसे सुधारना बेहद मुश्किल होता है। अजित दादा जैसे बड़े नेता ने इस तरह के आरोप नहीं करने चाहिए। क्योंकि वह हमारे उपमुख्यमंत्री हैं गठबंधन के घटक दल हैं और इस तरह के बयानों को टाला जाना चाहिए, अगर नहीं किया तो उसका स्पष्टीकरण देना चाहिए।
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