नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर सहित पूरे विदर्भ में पहले चरण की वोटिंग के दौरान वोट प्रतिशत काफी कम रहा है। इस बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। दरअसल एक शख्स जब यहां वोट डालने के लिए पहुंचा तो उसे कहा गया कि वोटर लिस्ट के अनुसार उसकी मौत हो चुकी है, इसलिए वह वोट नहीं डाल सकता।
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क्या है पूरा मामला?
दरअसल इस शख्स को वोटर लिस्ट में मरा हुआ घोषित किया जा चुका था। ऐसे में जब वह वोट डालने के लिए वोटर केंद्र पहुंचा तो उसे कहा गया कि सूची के अनुसार आपकी मौत हो चुकी है। जब ये शख्स सबसे पहले वोटर केंद्र पर पहुंचा था, तो उससे कहा गया कि आपका नाम इसमें नहीं है। इसके बाद उन्होंने डीएम ऑफिस में संपर्क किया तो अधिकारियों ने कहा कि हम इस मामले को देखेंगे। हो सकता है कि ये किसी कर्मचारी की गलती की वजह से हुआ हो। अधिकारियों ने ये भी कहा कि अभी हम कुछ नहीं कर सकते। अगली बार इसे अपडेट करवा लेना।
पीड़ित शख्स सुरेश उर्फ छोटू बैतागे अपने वोट का इस्तेमाल नहीं कर पाया। शख्स ने बताया कि 2018 में उनके भाई की मौत हुई थी तो उनके भाई के साथ उनका नाम भी वोटर लिस्ट से हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि वोटर केंद्र पर वह चिल्लाते रहे कि वह जीवित हैं, उनके पास पहचान पत्र और वोटर कार्ड भी है लेकिन वह वोट नहीं डाल सके क्योंकि वोटर लिस्ट में उनका नाम डिलीट था।
साल 2019 के चुनाव में सुरेश ने वोट डाला था लेकिन इस बार वह वोट नहीं डाल पाए। इस बात को लेकर वह काफी निराश हैं।