गढ़चिरौली: गढ़चिरौली जिले में माओवादी विरोधी अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। गोपनीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर, गट्टा दलम, कंपनी नंबर 10 और गढ़चिरौली डिवीजन के अन्य माओवादी कोपरशी वन क्षेत्र (गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा) में छिपे हुए थे। इस सूचना के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मिशन) एम रमेश के नेतृत्व में सी-60 की 19 टीमें और सीआरपीएफ क्यूएटी की 02 टीमें तलाशी अभियान के लिए रवाना की गईं।
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भारी बारिश के बीच भी डटे रहे जवान
लगातार हो रही भारी बारिश के बीच जब पुलिस दल आज सुबह उस क्षेत्र में पहुंचे और तलाशी अभियान चला रहे थे, तभी माओवादियों ने पुलिस दल पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की।
करीब आठ घंटे तक चली इस भीषण मुठभेड़ के बाद तलाशी अभियान में कुल 4 माओवादी (1 पुरुष एवं 3 महिला) मारे गए। घटनास्थल से 1 एसएलआर राइफल, 2 इंसास राइफल और 1 .303 राइफल बरामद की गई हैं।
पुलिस का माओवादी विरोधी अभियान अभी भी जारी है और शेष माओवादियों की तलाश की जा रही है।
नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए काम कर रही मोदी सरकार
अप्रैल 2025 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था, 'नक्सलवाद मुक्त भारत के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत ने वामपंथी उग्रवाद से अति प्रभावित जिलों की संख्या 12 से घटाकर 6 कर एक नया मील का पत्थर हासिल किया है।' सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट में, केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा, 'मोदी सरकार सर्वव्यापी विकास के लिए अथक प्रयासों और नक्सलवाद के खिलाफ दृढ़ रुख के साथ सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध भारत बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। हम 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह से जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध हैं।' (इनपुट: गढ़चिरौली से नरेश सहारे)