मुंबई: महाराष्ट्र में मुंबई की भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में फिर से घुसपैठ का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिन बांग्लादेशी महिलाओं को करीब 5 महीने पहले भारत से उनके वतन डिपोर्ट किया गया था, वही दोनों जंगलों और बॉर्डर को पार करके फिर से मुंबई पहुंच गईं। हालांकि, दोनों एक बारिश मुंबई पुलिस के शिकंजे में हैं। लेकिन अब प्रश्न ये है कि डिपोर्टेशन के बाद बांग्लादेशी महिलाओं की वापसी कैसे हुई। उनके पीछे कौन-सा बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है?
पुलिस ने बांग्लादेशी महिलाओं को फिर पकड़ा
मुंबई पुलिस ने बताया कि मुंबई के Cuffe परेड इलाके में पुलिस ने वैध यात्रा या इमिग्रेशन दस्तावेजों के बिना रहने के आरोप में 30 साल की बांग्लादेशी नागरिक बिलकिस बेगम सिरमिया अख्तर को गिरफ्तार किया है। वहीं, कोलाबा की पुलिस टीम ने मुंबई के नागपाड़ा से 38 साल जुलेखा जमाल शेख को अरेस्ट किया है।
पिछले साल अगस्त में किया गया था डिपोर्ट
आगे कहा गया कि मुंबई क्राइम ब्रांच ने अगस्त, 2025 में भारत में इलीगल तौर पर रहने के आरोप में दोनों महिलाओं को बांग्लादेश डिपोर्ट कर दिया था। हालांकि, दोनों गोजा डांगा के जंगलों के रास्ते भारत में दोबारा आ गईं और फिर मुंबई पहुंच गईं।
अवैध घुसपैठियों के खिलाफ केस दर्ज
जान लें कि दोनों बांग्लादेशी महिलाओं को मुंबई पुलिस ने फिर से अरेस्ट कर लिया गया। पुलिस, दोनों महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज करके आगे की जांच कर रही है। मुंबई पुलिस का कहना है कि शहर में किसी भी अवैध नागरिक को नहीं रहने दिया जाएगा। वे जहां भी छिपे हों उनको पकड़ा जाएगा और डिपोर्ट किया जाएगा।
मुंबई में अवैध तरीके से रह रहे दूसरे देश के नागरिकों की तलाश जारी है। ऐसे जिन भी लोगों को पकड़ा जाता है, उन्हें कार्रवाई पूरी करके उनके देश में डिपोर्ट कर दिया जाता है।
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