मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक वार्डन के द्वारा चालान करने का डर बताकर जबरन पैसों की वसूली के बाद इस घटना के पीड़ितों ने ट्रैफिक वार्डन की जमकर पिटाई की थी जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। अब इस मामले में सीनियर पुलिस अधिकारी विवेक पाटील ने कहा है कि मामले की जांच करते हुए दोषी पुलिसकर्मी और ट्रैफिक वार्डन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर स्थित उर्से टोल प्लाजा का है। पुणे से मुंबई जाने वाले यात्रियों की गाड़ियां रोक कर सफेद शर्ट और ब्लू रंग की पेंट पहने हुए एक ट्रैफिक वार्डन इन लोगों को रोककर गाड़ियों पर चालान करने का डर बताकर जबरन पैसे वसूल रहा था। इस ट्रैफिक वार्डन के साथ देहू रोड ट्रैफिक विभाग का एक पुलिसकर्मी भी मौजूद था। इस दौरान अपनी गाड़ी पर होने वाले चालान की कार्रवाई से बचने के लिए कुछ लोगों ने इस ट्रैफिक वार्डन को पैसे भी दिए थे। लेकिन जब जबरन वसूली करने वाले इस ट्रैफिक वार्डन की हरकत से यात्री परेशान हुए तब उन्होंने उस वार्डन की जमकर पिटाई की।
इस दौरान वहां मौजूद कुछ यात्रियों ने इस घटना को अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में वह यह बात साफ-साफ बता रहा है कि उसके साथ मौजूद पुलिस कर्मी ने ही इस तरह से यात्रियों से पैसे वसूली के लिए कहा था। तो दूसरी तरफ इस घटना से अनजान होकर वहां मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी इन यात्रियों को यह बताते हुए नजर आ रहा है कि इस ट्रैफिक वार्डन को वह जानता ही नहीं है।
इस वायरल वीडियो को लेकर जब ट्रैफिक विभाग के पुलिस अधिकारी DCP विवेक पाटील से पूछा गया तब उन्होंने इस मामले में जांच की गई जिसके बाद यहां के पुलिसकर्मी को सस्पेंड किया गया है। वहीं, ट्रैफिक वार्डन को भी यहां से हटा दिया गया है। फिलहाल इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं जिसमें दोषी होने पर इन दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पाटील ने यह भी कहा के हमने "ट्रैफिक बड़ी" नाम का एक ऐप शुरू किया है जिसपर शहर के नागरिक अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। किसी भी ऐसी समस्या का निवारण नहीं होने पर अपने से संपर्क बनाने की सूचना भी उन्होंने दी है।
(रिपोर्ट- समीर शेख)
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