बुलढाणा: बुलढाणा जिले के शेगांव तहसील के 15 गांवों के लोगों में बाल झड़ने की समस्या के करीब चार महीने बाद, हाल ही में कम से कम पांच गांवों के लोगों में फिर से दहशत फैल गई है। अब वे अपने हाथों और पैरों की उंगलियों में विकृति और नाखून गिरने की समस्या से परेशान हैं। जिले के शेगाव, खांमगाव और नादुरा तहसील के कुछ गांवों के लोगों में जनवरी महीने में बाल झड़ने की बीमारी की बात सामने आई थी।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया गांवों का दौरा
जानकारी के अनुसार, पिछले चार-पांच दिनों से लोगों के नाखून भी झड़ने लगे हैं। बोंडगांव गांव के सरपंच रामेश्वर धारकर ने कहा कि जहां लगभग 150 ग्रामीणों के बाल झड़ गए थे, जिनमें से कुछ के नाखून अब झड़ चुके हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने गुरुवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और पीड़ितों के रक्त के नमूने जांच के लिए एकत्र किए।
जानें कहां कितने मरीज आए सामने
बोंडगांव में सबसे पहले सात मामलों के साथ यह बीमारी देखी गई, जो बाद में शेगांव तहसील के चार अन्य गांवों - कलवाड़ (13 मामले), कथोरा (10 मामले) और मछिंद्रखेड़ (7 मामले) में फैल गई। मेहर तहसील के घुई गांव में दो मामले सामने आए। बुलढाणा स्वास्थ्य विभाग के एक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल बांकर ने इस बात की पुष्टि की। पांच गांवों के 39 लोग नाखून की विकृति दिखा रहे हैं। कुछ मामलों में नाखून पूरी तरह से अलग हो गए हैं। डॉ. बांकर ने कहा मरीजों को प्रारंभिक उपचार दिया गया है और शेगांव अस्पताल में आगे की जांच की जाएगी।
ICMR की जांच रिपोर्ट का इंतजार
बाल झड़ने के बाद नाखून सड़ने से स्वास्थ विभाग के सामने फिर से चुनौती खड़ी हो गई है। बाल झड़ने की खबर के बाद केंद्र से ICMR का भी दल बुलढाणा पहुंचकर इन गांवों में जाकर जांच के लिए मरीजों के बालों के व अन्य नमूने लिए थे लेकिन अभी तक ICMR की रिपोर्ट नहीं आई है। जानकारी के अनुसार, शरीर में सेलिनियम की मात्रा बढ़ जाने से बाल झड़ने की बात जांच पड़ताल में सामने आई थी। अब फिर से इन्ही मरीजों के नाखून सड़कर टूटने लगे हैं।
रिपोर्ट- गणेश सोलंकी