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Sharad Pawar ने की Eknath Shinde की तारीफ, कहा- 39 विधायकों को साथ लाना उनकी काबिलियत

 Reported By: Jayprakash Singh,  Atul Singh Written By: Vineet Kumar
 Published : Jun 30, 2022 11:37 pm IST,  Updated : Jul 01, 2022 06:30 am IST

शरद पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि एकनाथ शिंदे की तैयारी पहले से हो रही थी, यह रातों रात नहीं होता।

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Sharad Pawar and Eknath Shinde. Image Source : PTI FILE

Highlights

  • किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बनेंगे: पवार
  • पवार ने कहा कि ऐसा रातों रात नहीं होता, इसकी तैयारी पहले से हो रही थी।
  • पवार ने कहा कि मैं और शिंदे दोनों सतारा जिले के कोरेगांव तहसील के हैं।

Sharad Pawar praises Eknath Shinde: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार ने महाराष्ट्र के नवनियुक्त मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की गुरुवार को तारीफ की। पवार ने कहा कि किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बनेंगे, यहां तक कि खुद शिवसेना के बागी नेता ने भी ऐसा नहीं सोचा होगा। एनसीपी सुप्रीमो ने आगे कहा कि शिंदे 39 विधायकों को अपने साथ ले जा पाने में कामयाब रहे, यह उनकी कबिलियत है। उन्होंने कहा कि ऐसा रातों रात नहीं होता, इसकी तैयारी पहले से हो रही थी।

’39 विधायकों का साथ जाना शिंदे की काबिलियत’

NCP सुप्रीमो शरद पवार ने कहा, ‘महाविकास आघाडी में कुछ कमी नहीं थी, लेकिन एकनाथ शिंदे 39 विधायकों को ले जाने में सफल रहे, यह उनकी काबिलियत है। वरिष्ठ नेताओं के आदेश पर देवेंद्र को उपमुख्यमंत्री बनना पड़ा। बीजेपी में वरिष्ठ नेताओं का आदेश नहीं तोड़ा जाता। ऐसा पहले भी महाराष्ट्र में हुआ है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद दूसरा मंत्री पद लेना पड़ा है। यशवंत राव चव्हाण, अशोक चव्हाण इसके उदाहरण हैं। एकनाथ शिंदे की तैयारी पहले से हो रही थी, यह रातों रात नहीं होता। शिंदे को मैंने फोन पर शुभकामना दी।

‘हम दोनों का गांव सतारा जिले में है’
पवार ने आगे कहा, ‘मेरा मूल गांव भी सतारा जिले के कोरेगांव तहसील में है। एकनाथ शिंदे भी कोरेगांव तहसील के हैं।’ वहीं, फडणवीस पर बोलते हुए पवार ने कहा, ‘देवेंद्र के चेहरे से ही पता चल रहा था कि वह उपमुख्यमंत्री पद से खुश नहीं हैं, लेकिन बीजेपी में वरिष्ठों के आदेश को नजरअंदाज नही किया जाता। पार्टी के निर्देशों के पालन की बात करें तो फडणवीस ने मिसाल कायम की है। वह नागपुर के जिस माहौल में बड़े हुए हैं, उसी के संस्कार हैं कि उन्होंने यह पद स्वीकार कर लिया।’

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