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मिजोरम: ZPM सत्ता में आई तो ना NDA का लेगी साथ, ना ही I.N.D.I.A से मिलाएगी हाथ

 Published : Nov 03, 2023 12:40 pm IST,  Updated : Nov 03, 2023 12:40 pm IST

मिजोरम चुनाव से पहले ZPM ने अपनी पार्टी लाइन साफ कर दी है। इसके नेता लालदुहोमा ने कहा है कि अगर ZPM सत्ता में आती है तो NDA) या I.N.D.I.A गठबंधन में शामिल नहीं होगी। मिजोरम में विधानसभा चुनाव 7 नवंबर को होंने हैं।

Lalduhoma- India TV Hindi
जोरम पीपल्स मूवमेंट (ZPM) के नेता लालदुहोमा Image Source : FILE PHOTO

आइजोल: जोरम पीपल्स मूवमेंट (ZPM) के नेता और पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार लालदुहोमा ने कहा है कि यदि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आती है, तो वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) या ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूजिव अलायंस’ (I.N.D.I.A) में शामिल नहीं होगी। लालदुहोमा ने कहा कि उनकी पार्टी केंद्र के नियंत्रण से मुक्त एक स्वतंत्र क्षेत्रीय दल के तौर पर अपनी पहचान बरकरार रखेगी। जेडपीएम नेता ने कहा, ‘‘ हम सत्ता में आने पर भी राष्ट्रीय स्तर पर किसी समूह में शामिल नहीं होंगे। हम अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखना चाहते हैं और एक स्वतंत्र क्षेत्रीय दल बने रहना चाहते हैं।’’ 

"दिल्ली के नियंत्रण में नहीं रहना चाहते"

लालदुहोमा ने आगे कहा, ‘‘हम दिल्ली के नियंत्रण में नहीं रहना चाहते।’’ लालदुहोमा (73) ने साथ ही कहा कि जेडपीएम केंद्र के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बना कर रखेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम केंद्र में सरकार के साथ अच्छे संबंध बनाकर रखेंगे। तर्कसंगत होने पर ही हम उसका समर्थन या विरोध करेंगे।’’ बता दें कि जेडपीएम का गठन 2017 में दो राजनीतिक दलों और पांच समूहों ने किया था। गैर-कांग्रेसी, गैर-एमएनएफ (मिजो नेशनल फ्रंट) सरकार के नारे को भुनाते हुए पार्टी 2018 के पिछले विधानसभा चुनावों में 8 सीट जीतकर राज्य में मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी, जिससे कांग्रेस तीसरे स्थान पर खिसक गई। 

"लोग शासन की नई प्रणाली देखने के लिए उत्सुक"

ZPM के नेता लालदुहोमा ने दावा किया कि महज पांच साल पुरानी अपेक्षाकृत युवा पार्टी जेडपीएम अपनी नई शासन प्रणाली नीति के साथ विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने को लेकर आश्वस्त है और राज्य में दशकों पुरानी द्विध्रुवीय राजनीति को खत्म करने की उम्मीद में है। लालदुहोमा ने दावा किया कि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव जीतने को लेकर आश्वस्त है, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि पार्टी को कितनी सीट पर जीत की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि लोगों का एमएनएफ और कांग्रेस पर से ‘‘भरोसा उठ’’ गया है और वे बदलाव चाहते हैं। भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी रह चुके लालदुहोमा ने कहा, ‘‘हमें जबरदस्त बहुमत के साथ चुनाव में जीत मिलने का भरोसा है। लोग शासन की नई प्रणाली को देखने के लिए उत्सुक हैं। हमें सकारात्मक वोट चाहिए। हम चाहते हैं कि लोग हमें एमएनएफ और कांग्रेस से उकता जाने के कारण नहीं, बल्कि बदलाव के लिए वोट दें।’’ 

लालदुहोमा बोले- करेंगे सत्ता के विकेंद्रीकरण

गौरतलब है कि मिजोरम में विधानसभा चुनाव 7 नवंबर को होंने हैं। लालदुहोमा ने कहा कि अगर जेडपीएम सत्ता में आती है, तो वह सत्ता के विकेंद्रीकरण का काम करेगी और विकास पर नजर रखने के लिए राज्य से लेकर गांव के स्तर तक गैर सरकारी संगठनों, गिरजाघरों और लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाले अन्य संगठनों को शामिल करते हुए समितियां गठित करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी वित्तीय बाधाओं को दूर करने के लिए खर्चों में कमी करने के कदम भी उठाएगी और सभी मंत्री और विधायक उन्हें मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं में भी कटौती करेंगे। 

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