आइजोल: मिजोरम में पुलिस ने 2 अलग-अलग अभियानों में बैन की गई मेथमफेटामाइन टैबलेट और हेरोइन की स्मगलिंग के आरोप में म्यांमार के 3 नागरिकों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने गुरुवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि एक केस में असम के एक निवासी की भी गिरफ्तारी हुई है। आबकारी विभाग के प्रवक्ता पीटर जोहमिंगथांगा ने कहा कि मंगलवार को म्यांमार की सीमा से सटे चम्फाई जिले के जोटे तियाऊ गांव में आबकारी अफसरों और असम राइफल्स के जवानों ने एक जॉइंट ऑपरेशन में मेथमफेटामाइन की 20,200 टैबलेट जब्त कीं जिनका कुल वजन 2.2 किलोग्राम है।
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'क्रेजी ड्रग' के नाम से जानी जाती हैं मेथमफेटामाइन की गोलियां
बता दें कि मेथमफेटामाइन की गोलियों को 'क्रेजी ड्रग' भी कहा जाता है। ये गोलियां बहुत ही शक्तिशाली होती हैं और सेवन करने वाले को इसकी काफी ज्यादा लत लग जाती है। केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करने वाली इन नशीली गोलियों को भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि म्यांमार के चिन राज्य के 35 वर्षीय सुमलमथांग और 36 वर्षीय जमंगैहनो को पड़ोसी देश से मिजोरम में तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि एक अन्य ऑपरेशन में आबकारी अधिकारियों ने मंगलवार रात आइजोल के पास खटला से 3 लोगों के पास से 246 ग्राम हेरोइन जब्त की।
आरोपियों पर NDPS एक्ट 1985 की धाराओं के तहत केस दर्ज
प्रवक्ता ने बताया कि म्यांमार के चिन राज्य के खावमावी गांव के 34 वर्षीय कपचिना और असम के करीमगंज जिले के एरालीगूल गांव के 32 वर्षीय नमनुद्दीन को गिरफ्तार किया गया और ड्रग्स को ले जाने में इस्तेमाल की गई 2 गाड़ियों को भी विभाग ने जब्त कर लिया है। जोहमिंगथांगा ने बताया कि चारों आरोपियों पर NDPS एक्ट 1985 की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि उन्हें बुधवार को चंफाई तथा आइजोल की जिला अदालतों में पेश किया गया। उन्होंने बताया कि विभिन्न अदालतों ने सभी आरोपियों को 14 दिन की जूडिशल कस्टडी में भेज दिया। (भाषा)