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कोविड-19 की वैक्सीन मिलने पर प्रतिदिन 10 लाख टीके देने के लिए तैयार: अपोलो हॉस्पिटल्स

अपोलो हॉस्पिटल्स के मुताबिल वो अपनी वैक्सीन कोल्ड चेन को मजबूत कर रहा है। वहीं अपोलो की सभी सुविधाओं को इसके लिए तैयार किया जा रहा है। ग्रुप ने 10,000 पेशेवरों को इसके लिए प्रशिक्षित किया है। इन्हें समूह की फार्मेसी, क्लिनिक ओर अस्पतालों में तैनात किया जाएगा।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Updated on: October 15, 2020 18:22 IST
अपोलो हॉस्पिटल्स ने...- India TV Paisa
Photo:AP

अपोलो हॉस्पिटल्स ने प्रति दिन 10 लाख कोविड 19 वैक्सीन देने की तैयारी की

नई दिल्ली। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी अपोलो हॉस्पिटल्स समूह ने कहा है कि वह सरकार के कोरोना वायरस महामारी से निपटने के प्रयासों में मदद के लिए प्रतिदिन कोविड-19 के 10 लाख टीके लगाने की सुविधा तैयार कर चुका है। अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप की कार्यकारी वाइस-चेयरपर्सन शोभना कामिनेनी ने बृहस्पतिवार को वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि समूह सरकार के साथ मिलकर काम करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों को तेजी से और सुरक्षित तरीके से यह टीका दिया जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘अपोलो हॉस्पिटल्स अपनी वैक्सीन कोल्ड चेन को मजबूत कर रहा है। अपोलो की सभी सुविधाओं को इसके लिए तैयार किया जा रहा है। हम प्रतिदिन इस टीके की 10 लाख ‘खुराक’ देने के लिए तैयार हैं।’’ कामिनेनी ने कहा, ‘‘समूह के पास इसकी क्षमता है। हमने 10,000 पेशेवरों को इसके लिए प्रशिक्षित किया है। इन्हें समूह की फार्मेसी, क्लिनिक ओर अस्पतालों में तैनात किया जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘30 प्रतिशत भारत अपोलो की सुविधाओं से मात्र 30 मिनट की दूरी पर है। प्रत्येक सुविधा में इसके लिए  क्षमता है और हमारे पेशेवर सरकार के दिशानिर्देश के अनुसार टीका देने के लिए तैयार रहेंगे।’’ 

मंगलवार को ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने अनुमान दिया था कि भारत में कोविड 19 का टीका साल 2021 की शुरुआत में आ सकता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि फिलहाल विशेषज्ञ योजना बनाने में लगे हैं कि वैक्सीन का वितरण देश भर में किस तरह से किया जाए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि साल की शुरुआत में एक से ज्यादा स्रोत से वैक्सीन मिल जाएगी। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत की विशाल जनसंख्या को देखते हुए कोरोना वैक्सीन मिलने के बाद भी उसके वितरण की चुनौतियों से निपटना आसान नहीं होगा। वैक्सीन के लिए कोल्ड चेन, उन्हें देने वाले पेशवरों की संख्या आदि कई मुद्दों पर सरकार को काम करना है। वहीं सीरम इंस्टीट्यूट के अदार पूनावाला पहले ही कह चुके हैं कि साल 2024 से पहले सभी लोगों को वैक्सीन नहीं मिल सकेगी।

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