1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. भारत वैश्विक वित्तीय चुनौतियों को लेकर सतर्क, मानसून बेहतर होने से स्थिति सुधरेगी: जेटली

भारत वैश्विक वित्तीय चुनौतियों को लेकर सतर्क, मानसून बेहतर होने से स्थिति सुधरेगी: जेटली

 Written By: Dharmender Chaudhary
 Published : Jul 05, 2016 09:22 pm IST,  Updated : Jul 05, 2016 09:22 pm IST

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि बेहतर मानसून और कृषि उत्पादन में सुधार से कीमतों का दबाव कम होगा।

भारत वैश्विक वित्तीय चुनौतियों को लेकर सतर्क, मानसून बेहतर होने से सुधरेगी स्थिति: जेटली- India TV Hindi
भारत वैश्विक वित्तीय चुनौतियों को लेकर सतर्क, मानसून बेहतर होने से सुधरेगी स्थिति: जेटली

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि बेहतर मानसून और कृषि उत्पादन में सुधार से कीमतों का दबाव कम होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि सार्वजनिक बैंकों के कारोबार की स्थिति, अटकी पड़ी परियोजनाओं और निजी क्षेत्र के निवेश में तेजी का न लौटना चुनौती बनी हुई है। वह वित्तीय स्थिरता विकास परिषद (FSDC) की अध्यक्षता कर रहे थे।

FSDC की बैठक में दोहराया गया कि भारत ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने से उत्पन्न स्थिति समेत वैश्विक स्तर पर उठ रही विभिन्न वित्तीय चुनौतियों के मद्दे नजर सुरक्षा को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतेगा। बैठक में रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन और सेबी के चेयरमैन यूके सिन्हा समेत वित्तीय क्षेत्र के नियामकों और वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया। वृहत आर्थिक स्थिति तथा वैश्विक स्तर पर वित्तीय गतिविधियों पर चर्चा के लिये गठित एफएसडीसी का गठन दिसंबर 2010 में किया गया था। उसके इसकी यह 15वीं बैठक है। वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली परिषद की बैठक में अन्य बातों के अलावा बैंकों के बढ़ते फंसे कर्ज पर भी चर्चा हुई। जेटली ने कहा कि सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती है कि सरकारी बैंकों के संपूर्ण काम काज में कैसे सुधार लाया जाए, अटकी परियोजनाएं कैसे आगे बढ़ें और आर्थिक दृष्टि से व्यवहारिक बने तथा निजी क्षेत्र के निवेश में कैसे तेजी आए।

यह भी पढ़ें- वैश्विक अर्थव्यवस्था की चुनौतियों के बावजूद भारत की आर्थिक ग्रोथ ऊंची बनी हुई है: जेटली

जेटली ने कहा कि, मानसूनी वर्षा का विस्तार बेहतर होने से, हम दालों के उत्पादन में इस बार सुधार की उम्मीद करते हैं और इससे बाजार में महंगाई का दबाव काम होगा। FSDC ने फंसी संपत्ति से निपटने के लिए सरकार तथा केंद्रीय बैंक द्वारा किये गए उपायों की समीक्षा की और स्थिति से निपटने के तरीकों पर चर्चा हुई। परिषद में रिजर्व बैंक के गवर्नर तथा अन्य वित्तीय नियामक शामिल हैं। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि बैठक में ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने के फैसले (ब्रेक्जिट) से उत्पन्न स्थिति पर निगरानी का आह्वान किया क्योंकि पूरा परिदृश्य सामने आने में अभी लंबा समय लगेगा। FSDC ने कहा कि ब्रेक्जिट स्थिति को लेकर कोई आत्मसंतुष्टि नहीं होनी चाहिए।

मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणियम ने वृहत आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी दी और ममहत्वपूर्ण मुद्दों को रेखांकित किया। अनिश्चित वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव से उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में परिषद की राय थी कि वृहत आर्थिक क्षेत्र से संबद्ध बुनियाद में सुधार, सुधारों को आगे बढ़ाये जाने तथा अधिक विदेशी मुद्रा भंडार से भारत बेहतर स्थिति में है।

यह भी पढ़ें- Shower of Happiness: मानसून ने पकड़ी रफ्तार, देशभर में सामान्य के मुकाबले 9 फीसदी कम बारिश

फएसडीसी की बैठक के बाद जारी बयान के अनुसार, परिषद ने रेखांकित किया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता तथा वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव प्रमुख जोखिम हैं जिसका सामना उभरती अर्थव्यवस्थाओं को करना पड़ रहा है। बयान में कहा गया है कि हालांकि भारत वृहत आर्थिक क्षेत्र से संबद्ध बुनियाद में सुधार, सुधारों को आगे बढ़ाये जाने तथा अधिक विदेशी मुद्रा भंडार से बेहतर स्थिति में है। सदस्यों ने ब्रेक्जिट से उत्पन्न स्थितियों समेत वैश्विक स्तर पर किसी भी उतार-चढ़ाव से निपटने को लेकर तैयार रहने की जरूरत पर सहमति जताई।

बैठक के दौरान राजन की अध्यक्षता वाली FSDC उप-समिति की गतिविधियों के बारे में संक्षिप्त रिपोर्ट परिषद के समक्ष रखी गई। इसके सदस्यों में वित्तीय क्षेत्र के नियामकों आरबीआई, सेबी, पीएफआरडीए, इरडा के प्रमुखों समेत वित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा मुख्य आर्थिक सलाहकार इसके सदस्य हैं। वित्त सचिव अशोक लवासा, आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास तथा वित्तीय सेवा सचिव अंजली छिब दुग्गल बैठक में शरीक हुए। राजन के अलावा बैठक में सेबी के चेयरमैन यूके सिन्हा, इरडा के चेयरमैन टीएस विजयन तथा पीएफआरडीए के चेयरमैन हेमंत जी कांट्रैक्टर भी बैठक में मौजूद थे।

यह भी पढ़ें- अरुण जेटली की संपत्ति FY16 में 2.83 करोड़ रुपए घटी, अभी भी Rs.68.41 करोड़ की प्रॉपर्टी के हैं मालिक

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा