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प्याज की सभी किस्मों के निर्यात पर लगा प्रतिबंध, बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार ने लिया बड़ा फैसला

आपूर्ति की कमी के कारण लगातार बढ़ रही प्याज की कीमतों के बीच केंद्र की मोदी सरकार ने तत्काल प्रभाव से सभी किस्मों के प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने पूरे विश्व से प्याज की सभी किस्मों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है।

India TV Business Desk India TV Business Desk
Updated on: September 29, 2019 15:16 IST
Onion Export- India TV Paisa
Photo:PTI

Onion Export

नई दिल्ली। लगातार बढ़ रही प्याज की कीमतों के बीच केंद्र की मोदी सरकार ने तत्काल प्रभाव से प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच घरेलू बाजार में इसकी उपलब्धता बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने अधिसूचना में कहा, 'सभी किस्म के प्याज पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।' डीजीएफटी आयात और निर्यात से संबंधित मुद्दों को देखता है। 

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के मुताबिक, प्याज की निर्यात नीति को अगले आदेशों तक मुफ्त में संशोधित किया गया है। इसके बाद सरकार ने फैसला किया कि प्याज की सभी किस्मों के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

इससे पहले 13 सितंबर को डीजीएफटी ने प्याज के निर्यात पर अंकुश के लिए 850 डॉलर प्रति टन का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) तय किया था। इस कदम का उद्देश्य घरेलू बाजार में प्याज कीमतों पर अंकुश लगाना था। दिल्ली और देश के कुछ अन्य हिस्सों में प्याज का खुदरा दाम 60 से 80 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है। 

export policy of onions

महाराष्ट्र जैसे प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में बाढ़ की वजह से इसकी आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस बीच, उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए केंद्र सरकार अपने बफर स्टॉक से 50,000 टन प्याज निकाल रही है। सरकार ने पिछले महीने चेताया था कि प्याज की जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मौजूदा समय में प्याज की कीमतें पिछले 4 सालों की तुलना में सबसे ज्यादा हैं। खपत के मुकाबले आवक कम होने से प्याज की कीमतें बढ़ रही हैं।

दिल्ली में 24 रुपए प्रति किलो की दर से प्याज मिलना शुरू

इसी बीच, दिल्लीवालों को आज से सस्ता प्याज मिलना शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने शनिवार को सचिवालय से मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दिल्ली सरकार ने मोबाइल वैन के जरिए 23.90 रुपए किलो प्याज बेचना शुरू किया है। दिल्ली में 70 मोबाइल वैन के साथ-साथ राशन की 400 दुकानों से 23.90 रुपए किलो के हिसाब से लोगों को प्याज बेचा जा रहा है। इससे पहले केंद्रीय खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने कहा था कि केंद्र के पास पर्याप्त मात्रा में प्याज का स्टॉक है और वह इसे विभिन्न राज्यों में आपूर्ति करने जा रही है, जिससे कीमतें घटेंगी।

प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में मानसून की भारी बारिश से आपूर्ति प्रभावित हुई है जिसकी वजह से इसकी कीमतों में उछाल आया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रमुख प्याज उत्पादक क्षेत्रों विशेषरूप से महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गुजरात, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में पिछले दो दिन में अत्यधिक बारिश हुई है। व्यापारियों का कहना है कि देश के ज्यादातर हिस्सों में अभी भंडारण वाला प्याज बेचा जा रहा है। खरीफ या गर्मियों की फसल नवंबर से बाजार में आएगी।

गौरतलब है कि प्‍याज की कीमत को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले हफ्ते इसका न्‍यूनतम निर्यात मूल्‍य 850 डॉलर प्रति टन निर्धारित किया था ताकि निर्यात पर पाबंदी से देश के बाजारों में प्याज की सप्लाई में कमी नहीं आए। इससे पहले 26 सितंबर को केंद्रीय उपभोक्‍ता मंत्री रामविलास पासवान ने राज्‍य सरकारों से केंद्रीय बफर से प्‍याज की खरीदारी करने और उसे 24 रुपए प्रति किलो की अधिकतम खुदरा कीमत पर उपलब्‍ध कराने का निर्देश दिया था।

केंद्र ने इस साल 56,000 टन प्याज का बफर स्टाक बनाया है। इसमें से 10,000-12,000 टन भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड), भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (एनसीसीएफ) और मदर डेयरी ने अब तक बेचा है। खरीफ उत्पादन कम होने के कारण प्याज की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। उत्पादक राज्यों विशेषकर महाराष्ट्र में खेती के रकबे में 10 फीसदी की गिरावट के कारण प्याज के दामों में तेजी आई है।

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