बीजिंग। चीन का विदेशी मुद्रा भंडार जून में घटकर 3,201 अरब डॉलर रह गया है, जो जून में 3,205 अरब डॉलर था। चीन का विदेशी मुद्रा भंडार दुनिया में सबसे अधिक है। वहीं भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 29 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 2.81 अरब डॉलर बढ़कर 365.49 अरब डॉलर हो गया। विदेशी मुद्रा भंडार का यह अब तक का उच्चतम स्तर है।
चीन के केंद्रीय बैंक पीपल्स बैंक ऑफ चाइना द्वारा घोषित आंकड़े बाजार उम्मीदों के अनुरूप है। इससे पहले जून में इसमें बढ़ोतरी हुई थी, जिसने निवेशकों को हैरान किया था। नवंबर, 2015 से कमजोर युआन और पूंजी की निकासी की वजह से चीन के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार कमी आ रही है। मई में यह घटकर 3,190 अरब डॉलर पर आ गया था, जो करीब पांच बरस का निचला स्तर है।
विदेशी मुद्रा भंडार 365.49 अरब डालर, अब तक का उच्चतम स्तर
देश का विदेशी मुद्रा भंडार 29 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 2.81 अरब डॉलर बढ़कर 365.49 अरब डालर हो गया। विदेशी मुद्रा भंडार का यह अब तक का उच्चतम स्तर है। इससे पूर्व सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में 66.4 करोड़ डॉलर की गिरावट आई थी और यह 362.69 अरब डॉलर रहा था। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा आस्तियां कुल मिलाकर 2.79 अरब डॉलर बढ़कर 341.04 अरब डॉलर रहीं। वहीं स्वर्ण भंडार इस दौरान 20.58 अरब डॉलर पर अपरिवर्तित रहा।