1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. आपात ऋण गारंटी योजना-2 से आ सकती है 40 हजार करोड़ रुपये की नकदी

आपात ऋण गारंटी योजना-2 से आ सकती है 40 हजार करोड़ रुपये की नकदी

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Nov 30, 2020 08:17 pm IST,  Updated : Nov 30, 2020 08:17 pm IST

इस योजना के तहत 50 करोड़ रुपये से 500 करोड़ रुपये तक के बकाया कर्ज वाली कंपनियां 29 फरवरी 2020 तक की कुल उधारी के 20 प्रतिशत के बराबर अतिरिक्त ऋण पाने की पात्र हैं।

26 क्षेत्रों को  आपात ऋण...- India TV Hindi
26 क्षेत्रों को  आपात ऋण गारंटी योजना के विस्तार से फायदा Image Source : GOOGLE

नई दिल्ली। आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना के विस्तार (ईसीएलजीएस 2.0) से स्वास्थ्य एवं चिकित्सा उद्योग सहित परेशानियों से जूझ रहे 26 क्षेत्रों को 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक की नकदी मिलने की संभावना है। क्रिसिल की एक रिपोर्ट में यह अनुमान व्यक्त किया गया है। रिजर्व बैंक द्वारा गठित के वी कामथ समिति ने कोरोना वायरस महामारी तथा इसकी रोकथाम के लिये देशभर में लगाये गये लॉकडाउन के दुष्प्रभावों से अर्थव्यवस्था को उबारने के लिये ईसीएलजीएस योजना का विस्तार करने का सुझाव दिया था। सरकार ने इसके आधार पर 26 क्षेत्रों की पहचान की और योजना को विस्तार दिया।

क्रिसिल की एक रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘इस योजना के विस्तार से 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक की जो संभावित लिक्विडिटी आयेगी, उससे महामारी के कारण नकदी प्रवाह में तेज गिरावट वाले क्षेत्रों समेत कंपनियों को नकदी के दबाव से उबरने में मदद मिलेगी।’’ इस योजना के तहत 50 करोड़ रुपये से 500 करोड़ रुपये तक के बकाया कर्ज वाली कंपनियां 29 फरवरी 2020 तक की कुल उधारी के 20 प्रतिशत के बराबर अतिरिक्त ऋण पाने की पात्र हैं। क्रिसिल के आकलन के अनुसार, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा समेत 27 क्षेत्रों की 1,414 कंपनियां इस योजना की पात्र हैं। इन कंपनियों के ऊपर 29 फरवरी तक संयुक्त रूप से दो लाख करोड़ रुपये का बकाया है। इन कंपनियों को नकदी प्रवाह में 17 प्रतिशत यानी 11 हजार करोड़ रुपये की गिरावट का सामना करना पड़ रहा है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा