1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. सोने पर आयात शुल्‍क घटाकर किया जाए 4%, रत्‍न-आभूषण उद्योग ने बजट पूर्व सरकार के आगे रखी मांग

सोने पर आयात शुल्‍क घटाकर किया जाए 4%, रत्‍न-आभूषण उद्योग ने बजट पूर्व सरकार के आगे रखी मांग

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Jan 14, 2021 09:04 am IST,  Updated : Jan 14, 2021 09:04 am IST

रत्न और आभूषण उद्योग के लिए कर्ज पर समान मासिक किस्त (ईएमआई) की सुविधा दी जानी चाहिए और नकद खरीद की सीमा को मौजूदा 10,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये करना चाहिए।

Gems, jewellery industry seeks reduction of import duty to 4 pc in Budget 2021-22- India TV Hindi
Gems, jewellery industry seeks reduction of import duty to 4 pc in Budget 2021-22 Image Source : FILE PHOTO

नई दिल्‍ली। रत्न एवं आभूषण उद्योग ने आगामी केंद्रीय बजट (Budget 2021) में सोने पर सीमा शुल्क को घटाकर चार प्रतिशत करने, स्रोत पर एकत्र किए गए कर (टीसीएस) को वापस लिए जाने, पॉलिस किए हुए बहुमूल्य एवं अर्ध-मूल्यवान रत्नों पर आयात शुल्क में कटौती किए जाने की मांग की है। अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू रत्न एवं आभूषण परिषद (जीजेसी) के अध्यक्ष आशीष पेठे ने कहा कि हम सरकार से सोने पर सीमा शुल्क को मौजूदा 12.5 प्रतिशत से घटाकर चार प्रतिशत करने का आग्रह करते हैं।

उन्‍होंने कहा कि यदि कर की दर इस स्तर पर नहीं रखी जाती है, तो यह तस्करी को बढ़ावा देना और लोगों को असंगठित व्यापार करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने आगे सरकार से एचसीएन-71 (हार्मोनाइज्ड सिस्टम नोमेनक्लेचर) के तहत आने वाली जिसों को संग्रहित कर (टीसीएस) प्रावधानों के दायरे से बाहर रखने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि टीसीएस में अवरुद्ध धनराशि आयकर का भुगतान करने की क्षमता से 6.67 गुना अधिक है।

पेठे ने यह भी कहा कि रत्‍न और आभूषण उद्योग के लिए कर्ज पर समान मासिक किस्त (ईएमआई) की सुविधा दी जानी चाहिए और नकद खरीद की सीमा को मौजूदा 10,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये करना चाहिए। रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) के अध्यक्ष कॉलिन शाह ने सरकार से आग्रह किया है कि वह कीमती और अर्ध-कीमती रत्नों पर आयात शुल्क घटाकर 2.5 प्रतिशत करें, जो मौजूदा समय में 7.5 प्रतिशत है। अपनी बजट सिफारिशों में, जीजेईपीसी ने सिंथेटिक रूप से तराशे और पॉलिश किए गए रत्नों पर आयात शुल्क को पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने का भी सुझाव दिया है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा