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सरकार दूसरे चरण में 20 से 25 हवाई अड्डों का करेगी निजीकरण- एएआई चेयरमैन

एएआई के चेयरमैन गुरुप्रसाद महापात्र ने शुक्रवार को कहा कि इस साल फरवरी में छह प्रमुख हवाई अड्डों के निजीकरण के बाद सरकार दूसरे चरण में देश के 20-25 और हवाई अड्डों का निजीकरण करेगी।

India TV Business Desk India TV Business Desk
Published on: July 27, 2019 17:21 IST
Guruprasad Mohapatra, AAI chairman - India TV Paisa

Guruprasad Mohapatra, AAI chairman 

नयी दिल्ली। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के चेयरमैन गुरुप्रसाद महापात्र ने शुक्रवार को कहा कि इस साल फरवरी में छह प्रमुख हवाई अड्डों के निजीकरण के बाद सरकार दूसरे चरण में देश के 20-25 और हवाई अड्डों का निजीकरण करेगी। उन्होंने उम्मीद जतायी कि इन हवाई अड्डों के प्रबंधन के लिए बड़े पैमाने पर विदेशी हवाई अड्डों के दिलचस्पी लेने की भी उम्मीद है। 

पिछले साल नवंबर में सरकार ने सरकारी- निजी भागीदारी के तहत परिचालन, प्रबंधन और विकास के लिए लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, मंगलुरु, तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी के हवाई अड्डों के निजीकरण का फैसला किया गया था। फरवरी में अडाणी समूह ने सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी के तौर पर सभी छह हवाई अड्डों को विकसित और उनका प्रबंधन करने का ठेका हासिल किया था। 

महापात्र ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमने छह हवाई अड्डों का निजीकरण किया है; अगले चरण में 20- 25 और हवाई अड्डों के निजीकरण की योजना है। उन्होंने कहा कि एएआई सालाना 15 लाख से अधिक यात्रियों की आवाजाही वाले इन हवाई अड्डों के नामों पर फैसला करेगी और अपनी सिफारिश जल्द ही नागर विमानन मंत्रालय को भेजेगी। महापात्र ने कहा कि वे ही अंतिम निर्णय करेंगे।

1 अगस्त को डीपीआईआईटी में कार्यभार संभालेंगे गुरुप्रसाद महापात्र

उल्लेखनीय है कि हाल में महापात्र का तबादला वाणिज्य मंत्रालय के तहत काम करने वाले उद्योग संवर्धन एवं आतंरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) में हो गया है। महापात्र ने कहा कि वह डीपीआईआईटी के सचिव का कार्यभार एक अगस्त को संभालेंगे। निजीकरण के दूसरे दौर की योजना का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि हमने निजी क्षेत्र के निवेश के लिहाज से आकर्षक हवाई अड्डों का आकलन करने के लिए एक परामर्शदाता की नियुक्ति की है। उन्होंने कहा कि कोई भी बोली लगा सकता है। अपार संभावनाएं हैं। (पहले दौर की सफलता के साथ) मैं आश्वस्त हूं कि अगले दौर की निजीकरण प्रक्रिया के दौरान कई विदेशी हवाई अड्डे हिस्सा लेंगे।

 

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