नई दिल्ली। सरकार के हाथ में जल्द ही एक ऐसा आईटी टूल आने वाला है, जिसकी मदद से इनकम टैक्स विभाग किसी व्यक्ति के पैनकार्ड पर देशभर में होने वाले किसी भी लेन-देन पर नजर रख सकेगा। इस टूल से कालेधन पर प्रभावी ढंग से लगाम कसने में बड़ी मदद मिलेगी।
इस नए डिजिटल और स्मार्ट प्लेटफॉर्म का नाम इनकम टैक्स बिजनेस एप्लीकेशन-परमानेंट एकाउंट नंबर (ITBA-PAN) है। वर्तमान में यह अंतिम परीक्षण के दौर से गुजर रहा है। इनकम टैक्स विभाग की एक स्पेशल टीम और बिजनेस सॉफ्टवेयर विश्लेषक इसका परीक्षण कर रहे हैं।
इस नए सॉफ्टवेयर की मदद से टैक्स अधिकारी क्रमवार तरीके से पैन के पूरे जीवनकाल के दौरान किए गए उपयोग को देख सकेंगे। सीधे शब्दों में कहें तो देश के किसी भी हिस्से में किसी व्यक्ति द्वारा किए गए लेनदेन का ब्योरा जान सकेंगे।
48 घंटे में बनेगा नया पैन
वित्त मंत्रालय द्वारा यह प्रोजेक्ट इस माह के अंत तक शुरू करने की संभावना है। इसे टैक्स विभाग को इसकी दो आंतरिक संगठन एनएसडीएल और यूटीआईआईटीएसएल से भी जोड़ा जाएगा। इस नए सॉफ्टवेयर की मदद से नया पैन कार्ड मात्र 48 घंटे के भीतर जारी कर दिया जाएगा, जबकि अभी नया पैन कार्ड जारी होने में 15 दिन का समय लगता है।
इनकम टैक्स विभाग देश में बड़ी मात्रा में होने वाले लेन-देन पर नजर रखने के लिए अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के प्रयास में लगा हुआ है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा और इनकम टैक्स विभाग ने पहले ही पूरा पैन डाटा पिछले हफ्ते ही पुराने सिस्टम से निकाल कर नए सिस्टम से जोड़ दिया है। जैसे ही यह प्रोजेक्ट चालू होगा पैन पूरे देश में वास्तविक अर्थों में एक अनोखा पहचान डाटाबेस बन जाएगा।



































