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GST Council: नमकीन, कपड़े, स्‍टेशनरी और आयुर्वेदिक दवाएं हुईं सस्‍ती, इंजन और स्‍टोन पर भी घटा जीएसटी

Sachin Chaturvedi @sachinbakul Published : Oct 06, 2017 09:06 pm IST, Updated : Oct 06, 2017 09:06 pm IST

जीएसटी काउंसिल की आज हुई बैठक में आम आदमी लोगों को बड़ी राहत दी गई है। काउंसिल ने कई जरूरी चीजों पर जीएसटी की दर को घटाने का निर्णय लिया है।

GST Council: नमकीन, कपड़े, स्‍टेशनरी और आयुर्वेदिक दवाएं हुईं सस्‍ती, डीजल इंजन और स्‍टोन पर भी घटा जीएसटी- India TV Paisa
GST Council: नमकीन, कपड़े, स्‍टेशनरी और आयुर्वेदिक दवाएं हुईं सस्‍ती, डीजल इंजन और स्‍टोन पर भी घटा जीएसटी

नई दिल्‍ली। जीएसटी काउंसिल की आज हुई बैठक में आम आदमी लोगों को बड़ी राहत दी गई है। काउंसिल ने कई जरूरी चीजों पर जीएसटी की दर को घटाने का निर्णय लिया है। इसके चलते दिवाली पर नमकीन, कपड़े और स्‍टेशनरी सस्‍ती मिलेगी। साथ ही कार खरीदना और घर का निर्माण भी सस्‍ता कर दिया गया है। वहीं विभिन्‍न जॉब वर्क से वस्तु एवं सेवा कर घटा दिया है। इसके अलावा  जीएसटी की वजह से मंद पड़ी कारोबारी गतिविधियों में जान फूंकने के लिए 1.5 करोड़ रुपए सालाना टर्नओवर वाले व्‍यापारियों को मासिक की जगह तिमाही रिटर्न फाइल करने की सुविधा दी गई है।

ये सभी चीजें हुईं सस्‍ती 

नई दिल्‍ली में विज्ञान भवन में हुई जीएसटी काउंसिल की 22वीं बैठक में बैठक के बाद भारत के वित्‍त मंत्री ने कहा कि काउंसिल ने कई जरूरी वस्‍तुओं पर वस्तु एवं सेवा कर घटाने का निर्णय लिया है। इसके तहत खाखरा और नमकीन पर जीएसटी की दर 12 से घटाकर 5 कर दी गई है। इसके अलावा प्‍लास्टिक वेस्‍ट पर 18 से घटाकर 5, पेपर वेस्‍ट 12 से 5 फीसदी कर दी गई है। वहीं यार्न पर जीएसटी को 18 से कम कर 12 कर दिया गया है। इससे कपड़े सस्‍ते होंगे। काउंसिल ने दवाओं पर से जीएसटी को घटा दिया है।

वहीं ग्रेनाइट या मार्बल छोड़कर अन्‍य स्‍टोन पर जीएसटी 28 से 18 फीसदी कर दिया गया है। इससे मकान बनाना सस्‍ता होगा। साथ ही स्‍टेशनरी पर जीएसटी 28 से 18 कर दिया गया है। डीजल इंजन के पार्ट पर दर 28 से 18 हो गई है। वहीं जॉब वर्क जरी, इमिटेशन ज्‍वेलरी, फूड, प्रिंटिंग को 5 फीसदी में लाया गया है। सरकारी कॉन्‍ट्रेक्‍ट जिसमें ज्‍यादा मजदूरों की जरूरत होती है। इसे 12 से घटाकर 5 फीसदी में किया गया है।

एक्‍सपोर्टर्स और कारोबारियों को लाभ

वित्‍त मंत्री ने कहा कि एक्‍सपोर्टर्स को 10 अक्‍टूबर से जुलाई का और 18 अक्‍टूबर से अगस्‍त का रिफंड मिलना शुरू होगा। रिफंड के लिए कारोबारियों को ईवॉलेट की सुविधा दी जाएगी। यह व्‍यवस्‍था 1 अप्रैल 2018 से लागू होगी। वित्‍त मंत्री ने बताया कि कंपोजीशन स्‍कीम के तहत ट्रेडिंग करने वाले 1 फीसदी टैक्‍स, मैन्‍युफैक्‍चरिंग वाले 2 फीसदी टैक्‍स, रेस्‍टोरेंट वाले 5 फीसदी टैक्‍स देंगे।

वित्‍त मंत्री ने कहा है कि कम्‍पाउंडिंग स्‍कीम के तहत 75 लाख रुपए टर्नओवर सीमा को बढ़ाकर अब 1 करोड़ रुपए कर दी गई है। इस स्‍कीम को लेने वाले कारोबारी 3 महीने पर कुल बिक्री का एक प्रतिशत टैक्‍स जमा कर रिटर्न फाइल कर सकेंगे। कम्‍पाउंडिंग डीलरों को दूसरे राज्‍यों में माल बेचने का अधिकार और इनपुट क्रेडिट का लाभ देने के लिए 5 सदस्‍यीय मंत्री समूह गठित करने का भी निर्णय आज की बैठक में लिया गया। रिवर्स चार्ज की व्‍यवस्‍था को अगले साल 31 मार्च तक के लिए टाल दिया गया है।

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