नई दिल्ली। द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने अपने सदस्यों यानी CA को एडवायजरी जारी कर कहा है कि वे केंद्र सरकार की नोटबंदी के फैसले की आलोचना करने से बचें। संस्था की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है, ‘सभी सदस्यों को सलाह दी जाती है कि नोटबंदी को लेकर अपने क्लाइंट को राय देने और किसी अन्य प्लेटफॉर्म पर विचार व्यक्त करने को लेकर सावधान रहें।’ यह एडवायजरी छह CA के अवैध काम में शामिल होने की जानकारी सामने आने के बाद जारी की गई है।
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ICAI द्वारा एडवायजरी के अनुसार
सदस्यों को कड़ाई से सलाह दी जाती है कि वे गलत कामों में शामिल ना हो और ना ही नोटबंदी को लेकर लेख या साक्षात्कार के जरिए नकारात्मक बयान ना दें।
ICAI सदस्यों को समझाने का कर रही है काम
- ICAI ने बताया कि गलती कर रहे सदस्यों को समझाने के लिए वह काम कर रही है।
- तात्कालिक कदम उठाए गए हैं और संबंधित सदस्यों के खिलाफ जांच शुरू की गई है।
- संस्था ने नोटबंदी को आर्थिक विकास के लिए जोरदार बूस्ट बताया था।
- साथ ही इस कदम को कालेधन से चल रही समानांतर अर्थव्यवस्था पर करारा वार कहा था।
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आईसीएआई के अनुसार
इस कदम से ना केवल काले धन को दूर करने में मदद मिलेगी बल्कि यह राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को रोकने में भी सफलता मिलेगी।