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इस साल 71 लाख टन चीनी का होगा कम उत्‍पादन, ISMA का 2019-20 में 260 लाख टन चीनी उत्‍पादन का अनुमान

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Nov 05, 2019 01:42 pm IST,  Updated : Nov 05, 2019 01:48 pm IST

जुलाई में इस्मा ने अपने प्रारंभिक अनुमान में 2019-20 चीनी वर्ष के लिए 282 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान जारी किया था।

ISMA estimates total sugar production during 2019-20 SS would be around 268.5 lac - India TV Hindi
ISMA estimates total sugar production during 2019-20 SS would be around 268.5 lac Image Source : ISMA ESTIMATES TOTAL SUGA

नई दिल्‍ली। इंडियन शुगर मिल्‍स एसोसिएशन (इस्‍मा) ने मंगलवार को चीनी उत्‍पादन का पहला अग्रिम अनुमान जारी किया है। इसमें इस्‍मा ने 2019-20 चीनी सीजन में चीनी का उत्‍पादन 260 लाख टन रहने का अनुमान व्‍यक्‍त किया है। इससे पहले 2018-19 चीनी सीजन में देश में कुल 331.61 लाख टन चीनी का उत्‍पादन हुआ था। 30 सितंबर, 2019 तक देश में 145.81 लाख टन चीनी का स्‍टॉक बकाया है। इस लिहाज से देखा जाए तो चालू वर्ष में चीनी उत्‍पादन कम रहने के बावजूद आपूर्ति में कोई दिक्‍कत नहीं आएगी, क्‍योंकि देश की घरेलू वार्षिक मांग 250 से 260 लाख टन के आसपास है।

जुलाई में इस्‍मा ने अपने प्रारंभिक अनुमान में 2019-20 चीनी वर्ष के लिए 282 लाख टन चीनी उत्‍पादन का अनुमान जारी किया था। इस्‍मा ने बताया कि इस साल देश में गन्‍ने की खेती का कुल रकबा 48.31 लाख हेक्‍टेयर है, जो कि 2018-19 चीनी सीजन के 55.02 लाख हेक्‍टेयर की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत कम है।

इस्‍मा ने कहा कि प्रमुख गन्‍ना उत्‍पादक राज्‍यों महाराष्‍ट्र और कर्नाटक, जिनकी हिस्‍सेदारी लगभग 35-40 प्रतिशत है, में फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। देश के सबसे बड़े चीनी उत्‍पादक राज्‍य उत्‍तर प्रदेश में भी 2018-19 की तुलना में 2019-20 में गन्‍ने के रकबे में मामूली कमी आई है। 2019-20 चीनी सीजन में उत्‍तर प्रदेश में चीनी का उत्‍पउदन 120 लाख टन रहने का अनुमान है। 2018-19 चीनी वर्ष में यहां 118.21 लाख टन चीनी का उत्‍पादन हुआ था।  

चीनी मिलों में गन्ने की पेराई और चीनी का उत्पादन नए पेराई सत्र 2019-20 में आरंभ होने में थोड़ा विलंब हुआ, लेकिन देशभर की 28 चीनी मिलें अब चालू हो गई हैं और अब तक 14.50 लाख टन गन्ने की पेराई से कुल 1.25 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है। यह जानकारी सहकारी चीनी मिलों के संगठन नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिवशुगर फैक्टरीज लिमिटेड यानी एनएफसीएसएफ ने दी है।

एनएफसीएसएफ ने बताया कि देशभर में 28 चीनी मिलों में गन्ने की पेराई आरंभ हो चुका है अब तक सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में 13 चीनी मिलें चालू हो चुकी हैं। इसके बाद नौ मिलें कर्नाटक में चालू हो चुकी हैं। तमिलनाडु में छह मिलों में चीनी का उत्पादन आरंभ हो चुका है। एक अक्टूबर से आरंभ होने वाले चीनी उत्पादन एवं विपणन वर्ष में इस साल थोड़ा विलंब से गन्ने की पेराई का कार्य आरंभ हुआ है।

एनएफसीएसएफ के प्रेसीडेंट दिलीप वल्से पाटिल ने एक बयान में कहा कि गन्ने का रकबा घटने के साथ-साथ उत्पादकता में कमी के चलते इस चालू सीजन 2019-20 में चीनी के उत्पादन में कमी आ सकती है। देश में चीनी का उत्पादन चालू सीजन में 260-265 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि पिछले साल भारत में चीनी का उत्पादन 331 लाख टन था। इस प्रकार पिछले साल के मुकाबले इस साल चीनी के उत्पादन में करीब 71 लाख टन की कमी आ सकती है।

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