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कोरोना नियंत्रण के बाद नहीं मिलेगी वित्तीय क्षेत्र को नियामकीय छूट: आरबीआई गवर्नर

RBI गवर्नर ने महामारी से उत्पन्न स्थिति के लिए आरबीआई की प्रतिक्रिया को अभूतपूर्व बताया और कहा कि केंद्रीय बैंक द्वारा किए गए उपायों का उद्देश्य कोविड से उत्पन्न हुई एक स्थिति से निपटना है और यह स्थायी नहीं हो सकता।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: August 27, 2020 23:04 IST
- India TV Paisa
Photo:PTI

No regulatory easing for financial sector post Covid says RBI

नई दिल्ली| भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को कहा कि नोवेल कोरोना वायरस संक्रमण के नियंत्रित होने के बाद, वित्तीय क्षेत्र को बिना नियामकीय छूट के अपने स्वयं के सामान्य संचालन पर लौटना होगा। एक ऑनलाइन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, दास ने महामारी से उत्पन्न स्थिति के लिए आरबीआई की प्रतिक्रिया को अभूतपूर्व बताया और कहा कि केंद्रीय बैंक द्वारा किए गए उपायों का उद्देश्य कोविड से उत्पन्न हुई एक स्थिति से निपटना है और यह स्थायी नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा, "कोविड-19 के नियंत्रण के बाद वित्तीय क्षेत्र को नियामक छूटों और अन्य उपायों पर भरोसा किए बिना सामान्य कामकाज पर लौटना होगा।" बैंकिंग क्षेत्र में सुधारों का आह्वान करते हुए दास ने कहा कि राष्ट्रीयकरण के बाद से बैंकिंग क्षेत्र में कई सुधारों के बावजूद बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है।

उनका विचार है कि समय में परिवर्तन के साथ, सुधारों की प्रकृति को फिर से संगठित करने की आवश्यकता है। आरबीआई गवर्नर ने कहा, "नरसिम्हम समिति की सिफारिश के अनुरूप सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के समेकन की दिशा में मौजूदा कदम सही दिशा में है। भारतीय बैंक इस तरह से लाभ उठा सकते हैं और दुनियाभर में नए व्यापार के अवसरों में भागीदार बन सकते हैं।"

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में बड़े और अधिक कुशल बैंक वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (ग्लोबल वेल्यू चेन) में एक अच्छा स्थान पाने के लिए वैश्विक बैंकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में, बैंकों के व्यवसाय परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव आया है और अब बैंकों को सनराइज सेक्टर की तलाश करने की आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में संभावित व्यावसायिक अवसरों पर भी बात की। दास ने माना कि ग्रामीण क्षेत्र के व्यवसाय उछाल की क्षमता रखते हैं। दास ने कहा, "स्टार्ट-अप, नवीनीकरण, लॉजिस्टिक्स, वैल्यू चेन और ऐसे अन्य संभावित क्षेत्रों को देखने की जरूरत है।"

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