नई दिल्ली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने नियामकीय प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने के लिए कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग को डिफॉल्टर (चूककर्ता) घोषित कर दिया है। एनएसई की ओर से मंगलवार को जारी सर्कुलर में कहा गया है कि इसके अलावा कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग की एक्सचेंज की सदस्यता समाप्त कर दी गई है। सर्कुलर में कहा गया है कि यह आदेश 23 नवंबर से प्रभावी है।
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एनएसई ने कहा कि ब्रोकर कंपनी एक्सचेंज के दिशा-निर्देशों का अनुपालन करने में विफल रही है। दिशा-निर्देशों के तहत शेयर ब्रोकरों के लिए अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना जरूरी होता है। इसके अलावा वे किसी तरह की अनुशासनहीनता या गैर-पेशेवर बर्ताव नहीं कर सकते हैं। इससे पहले कार्वी ने गैरकानूनी तरीके से ग्राहकों द्वारा दिए गए मुख्तारनामे (पावर ऑफ अटर्नी) का दुरुपयोग कर उनकी प्रतिभूतियों को अपने डीमैट खाते में स्थानांतरित कर लिया था।
यह मामला सामने आने के बाद भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (सेबी) ने नवंबर, 2019 में कार्वी के नए ब्रोकरेज ग्राहक लेने पर रोक लगा दी थी। ब्रोकरेज कंपनी ने कथित रूप से अपने ग्राहकों की 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की प्रतिभूतियों का दुरुपयोग किया है। कंपनी पर आरोप है कि उसने अपने ग्राहकों के पैसे का गलत ढंग से खुद के ट्रेड में उपयोग किया। इसके साथ ही एनएसई ने दिसंबर, 2019 में कार्वी से ट्रेडिंग राइट्स वापस ले लिए थे।