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स्वेज नहर का जाम खुलने के संकेतों से फिसला क्रूड, पेट्रोल-डीजल में राहत की बंधी उम्मीद

आज ब्रेंट क्रूड की कीमत 63.13 डॉलर प्रति बैरल के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गई। पिछले सत्र में ब्रेंट क्रूड 64.57 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बंद हुआ था। मार्च के महीने में ही कीमत 71.38 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गई थी।

India TV Paisa Desk Edited by: India TV Paisa Desk
Published on: March 29, 2021 13:05 IST
स्वेज नहर का जाम...- India TV Paisa
Photo:AP

स्वेज नहर का जाम खुलने के संकेत से क्रूड फिसला

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल के दामों में कटौती की उम्मीद एक बाऱ फिर दिखने लग गई है। दरअसल कच्चे तेल की कीमतों में एक बाऱ फिर नरमी का रुख दिखने लगा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 63 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गई है। कीमतों में गिरावट स्वेज नहर में रास्ता साफ होने के संकेतों की वजह से दर्ज हुई है।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी

आज ब्रेंट क्रूड की कीमत 63.13 डॉलर प्रति बैरल के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गई। पिछले सत्र में ब्रेंट क्रूड 64.57 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बंद हुआ था। मार्च के महीने में ही कीमत 71.38 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गई थी। वहीं गिरावट आने पर कीमत बीते हफ्ते ही 60 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गई थी। हालांकि स्वेज नहर में कंटेनर शिप के अटकने से तेल सप्लाई पर असर की आशंका के बाद कीमतों में एक सत्र के दौरान ही 4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई थी, जिसमें अब नरमी का रुख है।

क्यों आई कीमतों में गिरावट

ताजा खबरों के मुताबिक नहर में फंसे जहाज को निकाल लिया गया है। अब जहाज अपने बल पर तैर रहा है। फिलहाल जहाज की जांच की जा रही है, जिसके बाद उसे आगे बढ़ने को कहा जा सकता है। बीते कई दिनों से फंसे इस जहाज की वजह से स्वेज नहर पर यातायात बंद हो गया था, जिसकी वजह से दोनो तरफ सैकड़ों मालवाहक जहाज अटक गए थे। इसमें से कई तेल से भरे ऑयल टैंकर भी हैं। जहाज के स्वेज नहर से निकलने के साथ तेल सप्लाई के तेज होने की उम्मीद है, जिसकी वजह से कीमतों में गिरावट देखने को मिली है।

पेट्रोल डीजल कीमतों में राहत की उम्मीद

भारत सरकार कई बार कह चुकी है कि फिलहाल तेल की कीमतों में बढ़ोतरी मांग के मुताबिक नहीं है। पेट्रोलियम मंत्री कह चुके हैं कि ये बढ़त स्थाई नहीं है और इसमें गिरावट आएगी। हाल ही में कीमतों के 60 डॉलर के स्तर के करीब पहुंचने पर पेट्रोल और डीजल में कटौती का सिलसिला शुरू हुआ था, जो कि क्रूड में तेजी के साथ तुरंत ही थम भी गया। उम्मीद है कि कच्चे तेल में गिरावट जारी रहने के साथ ही तेल कीमतों में भी राहत मिल सकती है।

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