1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. सरकार ने MSTC की अनुषंगी के विनिवेश की योजना छोड़ी, नहीं बेचेगी FSNL में अपनी हिस्‍सेदारी

सरकार ने MSTC की अनुषंगी के विनिवेश की योजना छोड़ी, नहीं बेचेगी FSNL में अपनी हिस्‍सेदारी

 Written By: Manish Mishra
 Published : Jul 23, 2017 05:25 pm IST,  Updated : Jul 23, 2017 05:25 pm IST

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने MSTC की इकाई फेरो स्‍क्रैप निगम लि. (FSNL) के विनिवेश पर आगे नहीं बढ़ने की सहमति दे दी है।

सरकार ने MSTC की अनुषंगी के विनिवेश की योजना छोड़ी, नहीं बेचेगी FSNL में अपनी हिस्‍सेदारी- India TV Hindi
सरकार ने MSTC की अनुषंगी के विनिवेश की योजना छोड़ी, नहीं बेचेगी FSNL में अपनी हिस्‍सेदारी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने MSTC की इकाई फेरो स्‍क्रैप निगम लि. (FSNL) के विनिवेश पर आगे नहीं बढ़ने की सहमति दे दी है। एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि इस कंपनी के पास मशीनरी के अलावा कोई और भौतिक संपत्ति नहीं है। इस्पात मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत FSNL एकीकृत इस्पात संयंत्रों SAIL, RINL से निकलने वाले फेरस ओर नॉन फेरस स्‍क्रैप के निपटान का काम करती है। इसके अलावा यह अन्य सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा सरकारी विभागों के स्‍क्रैप और अधिशेष स्टोर का भी निपटान करता है।

यह भी पढ़ें : घाटे में चल रही कंपनियों को बेच सकता है टाटा ग्रुप, चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने दिए संकेत

इस्पात सचिव अरुणा शर्मा ने कहा कि,

हम फेरो स्‍क्रैप निगम लि. को विनिवेश की सूची से हटा रहे हैं, क्योंकि इस कंपनी के पास बेचने योग्य कोई जमीन नहीं है। कंपनी के पास सिर्फ उपकरण हैं।

MSTC धातु स्‍क्रैप व्यापार करने वाला सार्वजनिक उपक्रम है। यह इस्पात और पेट्रो रसायन क्षेत्र को कच्चे माल की आपूर्ति में मदद करता है और ई-कॉमर्स सेवाएं प्रदान करती है। सचिव ने कहा, SAIL (सरकारी कंपनी) ही उनको स्‍क्रैप की बिक्री करने की अनुमति देता है। ऐसे में किसी दूसरी कंपनी के लिए MSTC को खरीदने का महत्व नहीं लगता है क्योंकि SAIL किसी निजी पक्ष को स्‍क्रैप के उपयोग या रूपांतर की अनुमति नहीं देगी। ऐसे में कोई व्यक्ति इस कंपनी की स्‍क्रैप-मशीनरी को क्यों लेना चाहेगा।

यह भी पढ़ें : बैंकों की बैलेंस शीट्स को साफ-सुथरा बनाना RBI की पहली प्राथमिकता, 7 लाख करोड़ रुपए के NPA का है बोझ

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा