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किसानों को मिली राहत, गोदाम में रखी फसल के बदले कर्ज की सीमा बढ़ी

नियमों के मुताबिक अब कोई किसान गोदामों में रखी अपनी फसल के एवज में 75 लाख रुपये तक बैंक से कर्ज ले सकता है। पहले यह सीमा 50 लाख रुपये थी। पंजीकृत गोदामों में रखी फसल की रसीद के आधार पर किसानों को यह कर्ज मिलता है।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: April 07, 2021 19:07 IST
गोदामों में रखी उपज...- India TV Paisa
Photo:PTI

गोदामों में रखी उपज के बदले कर्ज की सीमा बढ़ी

नई दिल्ली| भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने फसल के एवज में किसानों के कर्ज की सीमा बढ़ा दी है। अब कोई किसान गोदामों में रखी अपनी फसल के एवज में 75 लाख रुपये तक बैंक से कर्ज ले सकता है। पहले यह सीमा 50 लाख रुपये थी। पंजीकृत गोदामों में रखी फसल की रसीद के आधार पर किसानों को यह कर्ज मिलता है।

क्या है रिजर्व बैंक का नियम

केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में लिए गए फैसलों की घोषणा करते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को कहा कि कृषि उत्पादों के बदले किसानों को कर्ज देने की सीमा बढ़ा दी गई है, बशर्ते फसलों का यह वेयरहाउस डेवलपमेंट एंड रेग्युलेटरी अथाॉरिटी (डब्ल्यूडीआरए) द्वारा पंजीकृत और विनियमित वेयरहाउस की ओर से जारी निगोशिएबल वेयरहाउस रिसीट यानी एनडब्ल्यूआर या इलेक्ट्रॉनिक एनडब्ल्यूआर के आधार पर किया गया हो।

कैसे मिलता है कर्ज

बैंक किसानों को नकदी पहुंचाने के लिए गोदामों या कोल्ड स्टोरेज में रखी फसल के बदले में कर्ज देता है। कर्ज की रकम फसल के बदले मान्यताप्राप्त गोदामों के द्वारा जारी रसीद या फिर फसल की मौजूदा कीमत के आधार पर तय होती है । इस योजना का मुख्य लक्ष्य जरूरत के वक्त किसान को नकदी मुहैया करना है  जिससे किसान अपनी उपज को गोदाम में बनाए रख सकें और कम कीमत पर बेचने की विवशता से बच सकें। ये कर्ज छोटी अवधि के होते हैं जिन्हें एक सीमित अवधि के लिए बढ़ाया भी जा सकता है। इस रकम पर किसान को आम कर्ज के मुकाबले काफी कम ब्याज दर चुकानी पड़ती है।

और क्या किए हैं रिजर्व बैंक ने ऐलान

आरबीआई ने लगातार पांचवी बार नीतिगत दर को अपरिवर्तित रखा

 वृद्धि को समर्थन देने के लिए आरबीआई मौद्रिक नीति में उदार रुख को बनाए रखेगा

सिस्टम में पर्याप्त नकदी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि उत्पादक क्षेत्रों को पर्याप्त कर्ज मिले।

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