1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. इस तिमाही में भी दिख सकता है GDP पर नोटबंदी का असर: भारतीय रिजर्व बैंक

इस तिमाही में भी दिख सकता है GDP पर नोटबंदी का असर: भारतीय रिजर्व बैंक

 Written By: Manish Mishra
 Published : Mar 07, 2017 09:46 am IST,  Updated : Mar 07, 2017 09:46 am IST

RBI के डिप्टी गवर्नर विरल वी. आचार्य ने कहा कि नोटबंदी का सकल घरेलू उत्‍पाद (GDP) पर प्रभाव कुछ क्षेत्रों में मौजूदा तिमाही में भी दिख सकता है।

इस तिमाही में भी दिख सकता है GDP पर नोटबंदी का असर: भारतीय रिजर्व बैंक- India TV Hindi
इस तिमाही में भी दिख सकता है GDP पर नोटबंदी का असर: भारतीय रिजर्व बैंक

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिप्टी गवर्नर विरल वी. आचार्य ने कहा कि नोटबंदी का सकल घरेलू उत्‍पाद (GDP) पर प्रभाव कुछ क्षेत्रों में मौजूदा तिमाही में भी दिख सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि नोटबंदी के बाद बाजार में नए नोट डालने का काम बहुत तेजी से चल रहा है और यह दो-तीन महीने में पूरा हो जाएगा।

यह भी पढ़ें :सरकार ने SBI समेत सभी बैंकों से कहा, अकाउंट में मिनिमम बैलेंस समेत सभी फैसलों पर बैंक करें पुनर्विचार

कुछ क्षेत्रों पर दिखेगा नोटबंदी का असर

  • जनवरी-मार्च तिमाही में नोटबंदी के प्रभाव पर पूछे एक प्रश्न के उत्तर में आचार्य ने कहा कि इसका प्रभाव कुछ क्षेत्रों पर दिख सकता है।
  • उन्होंने कहा, अंतत: नकद मुद्रा की कमी नकदी के झटके की तरह से है और यदि नोटबंदी से बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ इसका प्रभाव थोड़े समय के लिए होगा।
  • मैं यह नहीं कह रहा कि यह अस्थायी असर अर्थव्यवस्था के कुछ हिस्सों पर कठोर नहीं पड़ा है, पर आप उम्मीद कर सकते हैं कि असर अस्थायी ही रहेगा।
  • आचार्य ने कहा, दोपहिया वाहन जैसे कुछ क्षेत्र हैं जहां हालत सुधरने की प्रक्रिया थोड़ी धीमी है।

यह भी पढ़ें : 31 मार्च तक लोग क्‍यों नहीं कर सकते अपने पुराने नोट जमा, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और RBI से पूछा सवाल

  • जब उनसे GDP के अनुमानों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमारी मौद्रिक नीति समिति के अनुमान केंद्रीय सांख्यिकिकी कार्यालय के अनुमानों काफी हद तक आस-पास हैं।
  • उन्होंने कहा, निश्चित रूप से अर्थव्यवस्था को गति देने वाले क्षेत्र अलग-अलग हो सकते हैं लेकिन मेरा मानना है कि लोगों ने कुछ एक बात अच्छी उठाई है और उन पर विचार किया जा सकता है।
  • इनमें से एक मुद्दा यह है कि संगठित क्षेत्र के साथ संपर्क के आधार पर असंगठित क्षेत्र का कितना विस्तृत अनुमान लगाया जा सकता है।
  • आचार्य ने कहा कि नयी मुद्रा डालने का काम बहुत तेजी से चल रहा है। हमें अभी कुछ सफर और तय करना है।
  • उनका मानना है कि दो से तीन महीने में चलन में नोट पूरे हो जाएंगे लेकिन मुद्रा का स्तर पहले से कम होगा।
Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा