नई दिल्ली। बाजार नियामक सेबी ने अधिग्रहण नियमों में कुछ बदलावों को आज मंजूरी दे दी। इसके तहत इकाइयों को खुली पेशकश में प्रस्तावित खरीद दर के संशोधन के लिए निविदा की अवधि के दौरान अतिरिक्त समय मिलेगा। इसके साथ ही पुनर्खरीद नियमों में भी संशोधन किया जाएगा।
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सेबी ने एक बयान में कहा कि शेयर निविदा प्रक्रिया अवधि की शुरुआत से एक दिन पहले तक खुली पेशकश कीमत में संशोधन के लिए अतिरिक्त समय देने का फैसला किया गया है। नियामक का कहना है कि इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य सम्बद्ध कानून की भाषा को सरल बनना, अनावश्यक प्रावधानों को हटाना भी है। इसके लिए सेबी (अधिग्रहण तथा शेयरों का व्यापक अधिग्रहण) नियम 2011 में बदलाव किए जाएंगे।
यूएसएफडीए जांच संबंधी जानकारी छिपाने पर सूचीबद्ध दवा कंपनियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
सेबी ने दवा कंपनियों के मामले में नियमों को कड़ा किया है। इसके तहत उन दवा कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जो अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) की कारखाना जांच रिपोर्ट एवं अन्य कार्रवाई जैसी बातों को साझा नहीं करती हैं।
सेबी के चेयरमैन अजय त्यागी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सभी सूचना साझा करना जरूरी है। अगर यूएस एफडीए ने दवा कंपनियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की है और वे उसकी जानकारी नहीं देती हैं और ऐसा मामला हमारे सामने आता है, हम कार्रवाई करेंगे।
उनसे यह पूछा गया था कि दवा कंपनियां अमेरिकी एफडीए जैसे विदेशी बाजार विनियामकों की तरफ से उनके कारखानों के निरीक्षण और आदेशों जैसी कार्रवाई की सूचना सार्वजनिक नहीं करती हैं। त्यागी ने कहा कि ऐसी सूचना जो महत्वपूर्ण है, उसे संबंधित कंपनी द्वारा शेयर बाजार के साथ तत्काल बताना चाहिए। भारत दवाओं का सबसे बड़ा निर्यातक है और कई घरेलू कंपनियां शेयर बाजारों में सूचीबद्ध हैं।