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छोटे निर्यातकों को बैंक गारंटी देने से मिली छूट, लघु उद्योगों की वृद्धि के लिए बेहतर है जीएसटी

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Sep 30, 2017 06:16 pm IST,  Updated : Sep 30, 2017 06:16 pm IST

छोटे निर्यातकों को राहत देते हुए सरकार ने उन्हें वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात पर बैंक गारंटी की छूट देने की घोषणा की है। वित्‍त मंत्रालय ने यह जानकारी दी।

छोटे निर्यातकों को बैंक गारंटी देने से मिली छूट, लघु उद्योगों की वृद्धि के लिए बेहतर है जीएसटी- India TV Hindi
छोटे निर्यातकों को बैंक गारंटी देने से मिली छूट, लघु उद्योगों की वृद्धि के लिए बेहतर है जीएसटी

नई दिल्‍ली। छोटे निर्यातकों को राहत देते हुए सरकार ने उन्हें वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात पर बैंक गारंटी की छूट देने की घोषणा की है। वित्‍त मंत्रालय ने यह जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि कल निर्यातकों ने वित्‍त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात के दौरान माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित दिक्कतें उनके समक्ष रखी थीं।

जीएसटी के तहत यदि कोई निर्यातक बांड या शपथपत्र देता है तो उसे आईजीएसटी के भुगतान से छूट मिलती है। वित्‍त मंत्रालय ने बयान में कहा कि छोटे निर्यातकों ने सरकार को बताया था कि उन्हें आवश्यक बैंक गारंटी के साथ बांड जमा करने में दिक्कतें आ रही हैं।

माल व सेवाकर छोटे उद्योगों की वृद्धि के लिए बेहतर: लघु उद्योग चैंबर 

देश में माल एवं सेवाकर (जीएसटी) लागू होने से छोटे उद्योगों और कारोबारियों को नुकसान के आरोपों के बीच सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के एक संगठन का कहना है कि जीएसटी छोटे एवं मझोले उद्योगों की वृद्धि के लिए अच्छा कदम है। संगठन का कहना है कि जीएसटी लागू होने पर लघु उद्यमी औपचारिक प्रणाली के तहत काम करेंगे और इससे उनके विकास के रास्ते खुलेंगे।

चैंबर आफ इंडियन माइक्रो, स्माल एंड मीडियम एंटरप्राइजिज के अध्यक्ष मुकेश मोहन गुप्ता ने कहा, जीएसटी लागू होने से सभी छोटे उद्योग औपचारिक प्रणाली के तहत आएंगे, ऐसा उनकी वृद्धि के लिए जरूरी है। शुरुआत में उन्हें थोड़ी दिक्कत हो सकती है लेकिन इससे उनके आगे विकास के रास्ते खुलेंगे।

छोटे उद्योगों को बैंकों से कर्ज नहीं मिलने की शिकायत के बारे में पूछे जाने पर गुप्ता ने कहा, औपचारिक तौर पर काम करने वाले छोटे उद्योगों को बैंकों से कर्ज मिलने में कोई दिक्कत नहीं है। बैंक कर्ज देने के लिये तैयार हैं, समस्या केवल आपके खाते और कारोबार को लेकर हो सकती है। यदि सभी काम औपचारिक प्रणाली के तहत होंगे तो र्बैंक कर्ज देने के लिए तत्पर बैठे हैं।

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