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Impact : भारत की जीडीपी ग्रोथ में आतंकवाद बना बाधा, आर्थिक गतिविधियां पड़ी कमजोर

26 नवंबर 2008 का दिन कभी न भूलने वाला दिन है। इस दिन भारत की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले शहर मुंबई पर आतंकवादी हमला हुआ था।

Surbhi Jain
Published : Oct 11, 2015 04:27 pm IST, Updated : Oct 11, 2015 04:39 pm IST
Impact : भारत की जीडीपी ग्रोथ में आतंकवाद बना बाधा, आर्थिक गतिविधियां पड़ी कमजोर- India TV Paisa
Impact : भारत की जीडीपी ग्रोथ में आतंकवाद बना बाधा, आर्थिक गतिविधियां पड़ी कमजोर

नई दिल्‍ली: 26 नवंबर 2008 का दिन कभी न भूलने वाला दिन है। इस दिन भारत की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले शहर मुंबई पर आतंकवादी हमला हुआ था। इस हमले के बाद से भारत की जीडीपी ग्रोथ की रफ्तार भी सालाना 7 फीसदी तक सिमट गई, जबकि वर्ष 2008 तक भारत की जीडीपी ग्रोथ 9.3 फीसदी की दर से आगे बढ़ रही थी। मूडीज इनवेस्टर्स सर्विसेस की हाल ही में जारी ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में आतंकवादी हमलों का इसकी अर्थव्यवस्था पर दीर्घकालीन नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। मूडीज के अनुसार उसका अध्ययन बताता है कि आतंकवादी हमलों से आर्थिक गतिविधियां उल्लेखनीय रूप से कमजोर हुई हैं और इसका अर्थव्यवस्था पर दीर्घकालीन प्रभाव पड़ा है।

भारत पर एक साल में 690 हमले

मूडीज इनवेस्टर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2013 में हुए कुल आतंकवादी हमलों में 60 फीसदी  से अधिक केवल चार देशों में हुए। ये देश इराक (24 फीसदी), पाकिस्तान (19 फीसदी)  अफगानिस्तान (12 फीसदी) तथा भारत (5.8 फीसदी) हैं। भारत में 2013 में 690 आतंकवादी हमले हुए। इराक इस प्रकार की 2,852 घटनाओं के साथ सूची में सबसे ऊपर है। उसके बाद पाकिस्तान (2,212 हमले) तथा अफगानिस्तान (1,443 हमले) का स्थान है। पिछले बीस साल में (1994 से 2013) भारत में 6,024 हमले हुए हैं। यह दुनिया भर में हुए कुल आतंकवादी हमलों 68,962 का 10वां हिस्सा है।

अर्थव्यवस्था पर कई दुष्प्रभाव

अर्थव्यवस्था को आतंकवाद कई तरह से प्रभावित करता है। हमलों में होने वाला प्रत्यक्ष नुकसान तो अपनी जगह है ही, आतंकवाद के मौजूद रहते निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाना आसान नहीं होता। दूसरी तरफ आतंकवाद निरोधक तंत्र की स्थापना, रखरखाव, हथियार तथा दूसरी रक्षात्मक सामग्री, मानव संसाधनों की व्यवस्था, प्रशिक्षण आदि पर व्यापक खर्च होता है। पर्यटन पर आतंकवाद का सीधा और गहरा दुष्प्रभाव पड़ता है।

जीडीपी को 0.5 से 0.8 फीसदी का नुकसान

मूडीज ने कहा है कि 2013 में आतंकवाद से सबसे ज्‍यादा प्रभावित 10 देशों की ग्रोथ पर बुरा असर पड़ा है। इन हमलों की वजह से इन देशों की जीडीपी 0.5 से 0.8 फीसदी के बीच कम हुई है। इसके अलावा सबसे बुरी बात यह है कि हमले के बाद भी इसका नकारात्‍मक प्रभाव कई सालों तक बना रहता है। मूडीज का अनुमान है कि 2013 में हुए आतंकवादी हमलों से सबसे ज्‍यादा प्रभावित इन दस देशों में इनवेस्‍टमेंट ग्रोथ भी 1.3 से 2.1 फीसदी तक घट चुकी है।

सरकारी खर्च बढ़ा

आतंकवादी हमलों से सरकारों का कर्ज लेने की लागत भी बढ़ गई है। आतंकवाद से सबसे ज्‍यादा प्रभावित देशों में कर्ज की लागत 0.41 से 0.65 फीसदी तक बढ़ गई है।

आतंकवाद का सूक्ष्‍म, मध्‍यम और दीर्घ अवधि में नुकसान  

अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष के शोधकर्ताओं बैरी जॉनस्‍टन और ओना नेडेलेस्‍कू ने 2005 में जारी अपने एक पेपर में कहा है कि आतंकवादी हमले से प्रत्‍यक्ष और अप्रत्‍यक्ष आर्थिक नुकसान होता है। प्रत्‍यक्ष आर्थिक नुकसान की प्रकृति सूक्ष्‍म-अवधि की होती है और इसमें जीवन का संपत्ति का नुकसान, आपतकालीन सेवा प्रदाताओं, सिस्‍टम और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर की बहाली तथा अस्‍थाई निवास सुविधा की जिम्‍मेदारी बढ़ जाती है।

आतंकवाद का अप्रत्‍यक्ष प्रभाव कई गुना बड़ा हो सकता है मध्‍यम अवधि में यह उपभोक्‍ता और निवेशकों के भरोसे को कम कर अर्थव्‍यवस्‍था को प्रभावित करता है।

आतंकवाद का दीर्घ-अवधि में भी भारी नुकसान होता है। सुरक्षा जांच बढ़ने से उत्‍पादकता प्रभावित घटती है, जीवन बीमा का प्रीमियम बढ़ जाता है तथा आतंकवादनिरोधी गतिविधियों को बढ़ाने पर सरकारी खर्च बढ़ जाता है।

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