1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. 25% अमेरिकी टैरिफ से मेड इन इंडिया iPhone निर्माण योजना को झटका! जानें भारत के निर्यात पर क्या होगा असर

25% अमेरिकी टैरिफ से मेड इन इंडिया iPhone निर्माण योजना को झटका! जानें भारत के निर्यात पर क्या होगा असर

 Published : Jul 31, 2025 07:09 am IST,  Updated : Jul 31, 2025 11:49 am IST

जानकार कहते हैं कि ज्यादा टैरिफ के चलते भारत से आईफोन निर्यात पर ज्यादा लागत का सीधा प्रभाव पड़ेगा, जिससे अमेरिकी बाजार में मांग घट सकती है और एप्पल को अपनी ग्लोबल सप्लाई चेन दोबारा व्यवस्थित करनी पड़ सकती है।

यह टैरिफ एप्पल की भारत को आईफोन निर्यात हब बनाने की रणनीति को बड़ा झटका देगा।- India TV Hindi
यह टैरिफ एप्पल की भारत को आईफोन निर्यात हब बनाने की रणनीति को बड़ा झटका देगा। Image Source : AP/INDIA TV

अमेरिका ने 1 अगस्त से भारत से आयात होने वाले सभी उत्पादों पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क और एक अतिरिक्त अस्थायी जुर्माना लगाने की घोषणा की है। यह फैसला भारत की iPhone निर्माण योजनाओं और इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स के निर्यात पर बड़ा असर डाल सकता है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र पहले से ही चीन की आपूर्ति प्रतिबंधों से प्रभावित है। चीन ने महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स, मशीनरी और टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स की सप्लाई पर रोक लगाई है, जिससे भारतीय उत्पादन चेन में रुकावट आ रही है।

Apple की ‘मेक इन इंडिया’ योजना पर असर!

IDC इंडिया के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट नवकेंदर सिंह ने बताया कि यह टैरिफ एप्पल की भारत को आईफोन निर्यात हब बनाने की रणनीति को बड़ा झटका देगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका, एप्पल के कुल आईफोन बिक्री का लगभग 25% हिस्सा है, यानी करीब 6 करोड़ यूनिट्स सालाना। इस मांग को पूरा करने के लिए भारत में उत्पादन क्षमता को बढ़ाना जरूरी था, लेकिन नया टैरिफ इस योजना को अस्थिर बना सकता है।

एप्पल की योजना है कि वर्ष 2025-26 तक भारत में iPhone उत्पादन को 35-40 मिलियन यूनिट से बढ़ाकर 60 मिलियन यूनिट तक पहुंचाया जाए। अप्रैल-जून तिमाही में अमेरिका में बेचे गए सभी आईफोन भारत में असेंबल किए गए थे, जो तमिलनाडु स्थित फॉक्सकॉन की फैक्ट्री से भेजे गए।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

साइबर मीडिया रिसर्च के उपाध्यक्ष प्रभु राम ने कहा कि भारत से आईफोन निर्यात पर ज्यादा लागत का सीधा प्रभाव पड़ेगा, जिससे अमेरिकी बाजार में मांग घट सकती है और एप्पल को अपनी ग्लोबल सप्लाई चेन दोबारा व्यवस्थित करनी पड़ सकती है। Elcina के महासचिव राजू गोयल का मानना है कि अमेरिका 10% मौजूदा शुल्क के साथ 15% अतिरिक्त टैरिफ भी जोड़ सकता है। इससे सिर्फ मोबाइल नहीं, बल्कि टेलीकॉम, ऑटो और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के निर्यात पर भी असर पड़ेगा।

चीन पर निर्भरता बनी चुनौती

चीन की तरफ से कच्चे माल और टेक्नोलॉजी सप्लाई पर लगाए गए प्रतिबंधों के चलते भारत की निर्माण प्रक्रिया पर सीधा असर पड़ा है। जब तक वैकल्पिक सप्लाई सोर्स डेवलप नहीं होते, तब तक यह संकट बना रहेगा और उत्पादन लागत बढ़ती रहेगी। SEMI इंडिया के अध्यक्ष अशोक चंदक ने कहा कि अगर अमेरिका का यह टैरिफ स्थायी होता है, तो भारत को अन्य एशियाई देशों की तुलना में प्रतिस्पर्धात्मक नुकसान हो सकता है।

उन्होंने सलाह दी कि भारत को अब अमेरिका पर अत्यधिक निर्भरता छोड़कर नए निर्यात बाजार खोजने, स्वदेशी ब्रांड्स को बढ़ावा देने और वैल्यू चेन में आगे बढ़ने की दिशा में काम करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे टैरिफ संकटों से बचा जा सके।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा