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सीमेंट उद्योग कुछ लोगों के हाथों में, साठगांठ देश के लिए बड़ी समस्या, जानें नितिन गडकरी ने ऐसा क्यों बोला?

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Jan 21, 2025 11:06 pm IST,  Updated : Jan 21, 2025 11:06 pm IST

इस्पात और सीमेंट उद्योग कुछ लोगों के हाथों में हैं। वे हमेशा दरें तय करते हैं। उनके बीच साठगांठ देश के लिए एक बड़ी समस्या है।

Nitin Gadkari - India TV Hindi
नितिन गडकरी Image Source : PTI

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि इस्पात और सीमेंट उद्योग के बीच ‘साठगांठ’ देश और इसके बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक बड़ी समस्या है। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए महत्वपूर्ण इन दोनों क्षेत्रों में बहुत कम कंपनियां हैं और ये साठगांठ के साथ काम करती हैं। उन्होंने यहां आईसीईआरपी 2025 को संबोधित करते हुए कहा कि इस्पात और सीमेंट उद्योग कुछ लोगों के हाथों में हैं। वे हमेशा दरें तय करते हैं। उनके बीच साठगांठ देश के लिए एक बड़ी समस्या है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फाइबर-प्रबलित प्लास्टिक (एफआरपी) इस्पात और सीमेंट कंपनियों की पकड़ को तोड़ने के लिए एक अच्छा विकल्प बन सकती हैं। 

हर संभव मदद की पेशकश

उन्होंने इसके लिए हर संभव मदद की पेशकश की। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक सामग्री बनाने के लिए आपका समर्थन करने में मेरा काफी हित है। गडकरी ने एफआरपी कंपनियों से अपनी कीमतें कम करने का आग्रह किया ताकि अंतिम लागत अन्य स्थापित विकल्पों की तुलना में 20-25 प्रतिशत कम हो। मंत्री ने कहा कि एफआरपी का उपयोग बुनियादी ढांचे, विमानन, शिपिंग, सड़क निर्माण और मेट्रो रेल जैसे कई क्षेत्रों में किया जा सकता है। उन्होंने एफआरपी उद्योग के प्रतिभागियों से कहा कि यदि आप इस्पात की तुलना में दर को 20-25 प्रतिशत कम कर सकते हैं, तो यह देश के लिए वास्तव में अच्छी बात हो सकती है। 

'वाटर टैक्सी' का प्रस्ताव रखा

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई के दूरदराज उपनगरों से लोगों को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचाने के लिए 10,000 वाटर टैक्सी का प्रस्ताव रखा है। गडकरी ने सुझाव दिया कि उन्होंने पहले ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा की है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 'वाटर टैक्सी' ​​वित्तीय राजधानी के उत्तर में अरब सागर के किनारे स्थित विरार जैसे उपनगरों और ठाणे क्रीक के साथ उत्तर पूर्व में कल्याण-डोंबिवली जैसे उपनगरों से लोगों को 70 मिनट में नए हवाई अड्डे तक पहुंचा सकती हैं। उन्होंने कहा, ''वसई-विरार से कल्याण-डोंबिवली तक मुंबई के सभी हिस्सों से वॉटर टैक्सी 70 मिनट में नए हवाई अड्डे से जुड़ सकती हैं। मैंने पहले ही मुख्यमंत्री के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा की है। हमें मुंबई में 10,000 वॉटर टैक्सियों की जरूरत है।'' 

नये हवाई अड्डे से यात्री उड़ानें अगले साल अप्रैल से शुरू होने वाली हैं। यात्रियों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए नये हवाई अड्डे को मेट्रो रेल से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। 

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