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भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और EV कंपनियों को झटका, कच्चे माल का निर्यात रोक रहा चीन

 Written By: Pawan Jayaswal
 Published : Jan 16, 2025 02:21 pm IST,  Updated : Jan 16, 2025 02:21 pm IST

चीन ने भारत को कुछ महत्वपूर्ण कच्चे माल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए हैं। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) कंपनियों को नुकसान हो रहा है।

कच्चा माल- India TV Hindi
कच्चा माल Image Source : FILE

इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्षेत्र की भारतीय कंपनियों को प्रमुख कच्चे माल और मशीनरी के निर्यात पर चीन के प्रतिबंधों के कारण देरी और व्यवधान का सामना करना पड़ रहा है। आर्थिक शोध संस्थान जीटीआरआई ने गुरुवार को कहा कि ये प्रतिबंध भारत द्वारा चीनी निवेश तथा वीजा पर लगाए गए प्रतिबंधों की जवाबी कार्रवाई हो सकते हैं। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनीशिएटिव (GTRI) के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘इससे भू-राजनीतिक तनाव और ट्रेड वॉर बढ़ने का भी संकेत मिलता है। हमें उम्मीद है कि भारत संबंधी प्रतिबंध जल्द ही हट जाएंगे, क्योंकि इनसे चीन को भी नुकसान होगा।’’

कच्चे माल का निर्यात रोक रहा चीन

उन्होंने कहा कि ये प्रतिबंध भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर और ईवी सेक्टर्स को प्रभावित करते हैं, लेकिन साथ ही ये चीन की अपनी मैन्यूफैक्चरिंग तथा निर्यात के लिए भी हानिकारक हैं। जीटीआरआई ने कहा, ‘‘इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर और ईवी सेक्टर की भारतीय कंपनियों को देरी और व्यवधान का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि चीन कच्चे माल और मशीनरी के निर्यात को रोक रहा है।’’ उन्होंने कहा कि भारत को चीन की अनुचित मांगों के प्रति दृढ़ रहना चाहिए तथा स्थानीय विनिर्माण क्षमताओं के निर्माण व आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

101.73 अरब डॉलर हो गया आयात

श्रीवास्तव ने कहा कि भारत विशेष रूप से चीन के निर्यात प्रतिबंधों के प्रति संवेदनशील है, क्योंकि इसके कई उद्योग चीनी मशीनरी, मध्यवर्ती वस्तुओं और घटकों पर निर्भर हैं। चीन से भारत का आयात 2023-24 में बढ़कर 101.73 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो 2022-23 में 98.5 अरब डॉलर था। सरकार ने 2020 में भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों के लिए किसी भी क्षेत्र में निवेश के लिए उसकी मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया था। उन्होंने कहा, ‘‘भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर पैनल और ईवी के लिए उच्च गुणवत्ता वाले कंपोनेंट्स के स्रोत के लिए जापान और दक्षिण कोरिया के साथ साझेदारी को भी मजबूत करना चाहिए। इन देशों के साथ जुड़ने से भारत को चीन पर निर्भरता कम करने और अधिक लचीली आपूर्ति श्रृंखला बनाने में मदद मिलेगी।’’ गौरतलब है कि अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन पर नए शुल्क लगाने की संभावना के बीच चीन ने महत्वपूर्ण खनिजों तथा उच्च प्रौद्योगिकी वाले उपकरणों पर निर्यात प्रतिबंध लगा दिए हैं।

(पीटीआई/भाषा के इनपुट के साथ)

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