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टमाटर के दाम नीचे आएंगे या नहीं उपभोक्ता मामलों की सचिव ने बताया, बिक रहा ₹100 किलो के पार

 Published : Oct 17, 2024 06:43 pm IST,  Updated : Oct 17, 2024 06:44 pm IST

टमाटर की कीमतों में उछाल इसलिए आया है क्योंकि मॉनसून की वापसी के कारण फसल को नुकसान हुआ और कीटों का संक्रमण होने से प्रमुख दक्षिणी राज्य- कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से आपूर्ति बाधित हुई है।

उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने हमें उम्मीद है कि महाराष्ट्र से आपूर्ति में जल्द ही सुधार होगा।- India TV Hindi
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने हमें उम्मीद है कि महाराष्ट्र से आपूर्ति में जल्द ही सुधार होगा। Image Source : FILE

फेस्टिवल के दौरान आने वाले दिनों में टमाटर के भाव को लेकर उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने गुरुवार को कहा कि कीमतों में कमी आ सकती है। उन्होंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि महाराष्ट्र से आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद है। खरे ने कहा कि आपूर्ति बढ़ने से टमाटर की बढ़ती कीमतों से दिल्ली-एनसीआर सहित अन्य जगहों के लोगों को राहत मिल सकती है। भाषा की खबर के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में टमाटर इस समय 100 रुपये किलो के पार चला गया है।

रियायती दर पर टमाटर बेचना जारी रहेगा

खबर के मुताबिक, खरे ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ) के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में 65 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर टमाटर बेचना जारी रखेगी। टमाटर की कीमतों में उछाल इसलिए आया है क्योंकि मॉनसून की वापसी के कारण फसल को नुकसान हुआ और कीटों का संक्रमण होने से प्रमुख दक्षिणी राज्य- कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से आपूर्ति बाधित हुई है। आपूर्ति की इस कमी और त्योहारी सत्र की मांग ने कीमतों को बढ़ा दिया है।

कीमतों में उतार-चढ़ाव पर है कड़ी निगरानी

उपभोक्ता मामलों की सचिव ने कहा कि हालांकि साप्ताहिक आवक प्रभावित हुई है, हमें उम्मीद है कि महाराष्ट्र से आपूर्ति में जल्द ही सुधार होगा, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में कीमतों को स्थिर करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार कीमतों में उतार-चढ़ाव पर कड़ी निगरानी रख रही है। 7 अक्टूबर से अब तक एनसीसीएफ ने दिल्ली और मुंबई में मोबाइल वैन और बिक्री केन्द्रों के जरिये सब्सिडी वाली दर पर लगभग 10,000 किलोग्राम टमाटर बेचा है। उन्होंने कहा कि जब तक हम कीमतों पर सार्थक प्रभाव नहीं देखेंगे, खुदरा हस्तक्षेप जारी रहेगा।

खरे ने कहा कि पिछले साल भी इसी तरह के उपायों से कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिली थी। इस बार सरकार का बाजार हस्तक्षेप एक सप्ताह से ज्यादा समय तक चला, जो कीमतों में उछाल की गंभीरता और त्योहारी मौसम के दौरान उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने की प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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