केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को गुजरात के सूरत में महत्वाकांक्षी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने दोहराया कि इस 1,350 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। पीटीआई की खबर के मुताबिक, इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद, देश की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई के बीच की यात्रा का समय वर्तमान के लगभग 24 घंटे से घटकर मात्र 12 घंटे रह जाएगा।
सभी बाधाएं दूर कर जल्द पूरा करेंगे प्रोजेक्ट
सूरत में निर्माणाधीन सेक्शन का निरीक्षण करने के बाद गडकरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सड़क का निर्माण उच्च गुणवत्ता का है और सभी छोटी-छोटी खामियों को अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके दूर किया जा रहा है। हम सभी बाधाओं को दूर कर परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं। आठ लेन वाले इस एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता का कड़ाई से परीक्षण हो रहा है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि पर्यावरण का ध्यान रखते हुए, सड़क के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर पेड़ लगाकर हरियाली बढ़ाई जाएगी।
इलेक्ट्रिक हाइवे और कम लॉजिस्टिक्स लागत
नितिन गडकरी ने इस एक्सप्रेसवे के लिए एक दूरदर्शी सपना साझा किया, जो इसे देश की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर बना सकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में मेरा सपना है कि इस सड़क पर इलेक्ट्रिक ट्रक और बसें चलें। हम इसमें दुनिया की सर्वश्रेष्ठ तकनीक को शामिल कर रहे हैं, जिसका मुख्य लक्ष्य लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सड़क तैयार होने के बाद निर्यात, पर्यटन और आम लोगों की यात्रा, तीनों को अभूतपूर्व बढ़ावा देगी।
यूपी और राजस्थान से कनेक्टिविटी
2019 में आधारशिला रखे गए इस एक्सप्रेसवे को एक व्यापक नेटवर्क बनाने के लिए उत्तर प्रदेश और राजस्थान से भी जोड़ा जाएगा, जिससे इन राज्यों से दिल्ली और मुंबई की सीधी कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी। गडकरी ने परियोजना के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण सड़क है। दुनिया में बहुत कम हाईवे इतनी लंबाई और चौड़ाई वाले हैं। इंजीनियरों, ठेकेदारों और राज्य सरकार के सहयोग से हम लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं।
सूरत के निरीक्षण के बाद, मंत्री ने दक्षिणी गुजरात के नवसारी और वलसाड जिलों में भी एक्सप्रेसवे निर्माण की प्रगति का जायजा लिया। यह कॉरिडोर हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ते हुए देश के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक गलियारा साबित होगा।






































