लंबे समय से देहरादून और दिल्ली के बीच सफर करने वालों का इंतजार अब आखिरकार खत्म होने वाला है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने संकेत दिए हैं कि देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का काम अपने अंतिम चरण में है और दिसंबर 2025 तक यह पूरी तरह से चालू हो जाएगा। लगभग 13,000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह एक्सप्रेसवे सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि उत्तर भारत के परिवहन नेटवर्क में एक नई क्रांति लाने जा रहा है।
आपको बता दें कि यह एक्सप्रेसवे चार चरणों में तैयार किया जा रहा है पहला चरण अक्षरधाम (दिल्ली) से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक, दूसरा चरण ईस्टर्न पेरिफेरल से सहारनपुर बाईपास, तीसरा सहारनपुर बाईपास से गणेशपुर तक और चौथा चरण गणेशपुर से आशारोड़ी (देहरादून बॉर्डर) तक। सभी चरणों का काम लगभग पूरा हो चुका है और अब केवल अंतिम स्तर के फिनिशिंग टच पर तेजी से काम चल रहा है।
एक्सप्रेसवे की खास बातें
इस एक्सप्रेसवे की सबसे खास बात है इसका 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन, जो डाटकाली से गणेशपुर तक फैला हुआ है। बरसात के दिनों की नदियों और बाढ़ की संभावना को देखते हुए बनाया गया यह हिस्सा अब पूरी तरह छह लेन में खुल चुका है। पहले मानसून के दौरान केवल तीन लेन शुरू की गई थीं, लेकिन अब पूरा सेक्शन ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है। इस पूरे मार्ग पर निरंतर मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी की सुविधा दी गई है ताकि यात्रियों को सफर के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
दिल्ली से देहरादून सिर्फ 3 घंटे में
NHAI के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे के शुरू हो जाने से दिल्ली से देहरादून का सफर महज तीन घंटे में पूरा किया जा सकेगा, जबकि फिलहाल यह यात्रा पांच से छह घंटे लेती है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ट्रैफिक जाम से राहत, ईंधन की बचत और सड़क सुरक्षा में भी सुधार देखने को मिलेगा।
सबसे बड़ा एलिवेटेड रोड
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को भारत की तीसरी सबसे बड़ी एलिवेटेड रोड के रूप में भी दर्ज किया जाएगा। यह परियोजना पर्यावरण के अनुकूल निर्माण तकनीकों का उपयोग करते हुए तैयार की गई है। इसमें वाइल्डलाइफ कॉरिडोर, ग्रीन बेल्ट और आधुनिक लाइटिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जिससे आसपास के पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। अधिकारियों का कहना है कि सभी सुरक्षा, सिग्नलिंग और लाइटिंग सिस्टम की टेस्टिंग पूरी होते ही इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।






































