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गायब हुआ अमेरिकी आरोपों का असर, 1 ही दिन में 73,059 करोड़ रुपये बढ़ गयी Gautam Adani की नेटवर्थ

 Written By: Pawan Jayaswal
 Published : Nov 30, 2024 07:51 am IST,  Updated : Nov 30, 2024 07:51 am IST

अडानी ग्रुप के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) जुगेशिंदर सिंह ने कहा कि ठेके हासिल करने के लिए सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की बात सरासर गलत है। इसके साथ ही सिंह ने कहा कि अगर किसी बड़ी राशि का भुगतान किया जाता, तो उन्हें निश्चित रूप से उसकी जानकारी होती।

गौतम अडानी नेटवर्थ- India TV Hindi
गौतम अडानी नेटवर्थ Image Source : FILE

अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी की नेटवर्थ में शुक्रवार को जबरदस्त इजाफा हुआ है। अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी तेजी के चलते ऐसा हुआ है। अमेरिकी अभियोग की खबर के बाद अडानी के शेयरों में भारी गिरावट आई थी। उसके बाद पिछले तीन सत्रों से ग्रुप के शेयरों में बड़ी तेजी देखी जा रही है। इससे अब अडानी ग्रुप की कंपनियों पर अमेरिकी अभियोग का असर छूमंतर हो चुका है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार गौतम अडानी की संपत्ति में 1 ही दिन में 8.64 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। रुपये में देखें तो यह रकम 73,059 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही अडानी ग्रुप की नेटवर्थ बढ़कर 75.5 अरब डॉलर हो गई है। वे इस समय दुनिया के 20वें सबसे अमीर और भारत के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं।

क्रिसिल रेटिंग्स ने अडानी ग्रुप को बताया मजबूत

अडानी समूह का समर्थन करते हुए क्रिसिल रेटिंग्स ने कहा कि ग्रुप के पास ऋण दायित्वों तथा प्रतिबद्ध पूंजीगत व्यय को पूरा करने के लिए पर्याप्त नगदी और परिचालन नकदी प्रवाह है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि समूह के संस्थापक चेयरमैन गौतम अडानी पर अमेरिका में अभियोग चलाए जाने के बाद ऋणदाताओं और निवेशकों की ओर से अभी तक कोई नकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। क्रिसिल ने अपने बुलेटिन में कहा कि अडानी समूह के पास वित्तीय बाजारों में विकास तथा भविष्य की पूंजी उपलब्धता के आधार पर विवेकाधीन पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को कम करने की गुंजाइश है। उसके पास बेहतर कर पूर्व आय (एबिटा) और नकदी संतुलन है जो परिचालन को बनाए रखने के लिए बाह्य ऋण पर उसकी निर्भरता को कम करता है।

रिश्वत की बात गलत

वहीं, अडानी ग्रुप के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) जुगेशिंदर सिंह ने कहा कि ठेके हासिल करने के लिए सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की बात सरासर गलत है। इसके साथ ही सिंह ने कहा कि अगर किसी बड़ी राशि का भुगतान किया जाता, तो उन्हें निश्चित रूप से उसकी जानकारी होती। उन्होंने वित्तीय सेवा मंच ट्रस्ट ग्रुप के एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘हम शत-प्रतिशत इस बात से अवगत हैं कि इस तरह का कोई भी मामला नहीं है। क्योंकि अगर आप किसी को इतनी नकद राशि का भुगतान कर रहे हैं, तो मुझे निश्चित रूप से पता होगा।’’ सिंह ने कहा कि समूह के चेयरमैन गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी सहित अन्य के खिलाफ अमेरिका में लगाए गए आरोप ‘अभियोजन अधिकार के अनूठे उपयोग’ का मामला है।

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